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स्वास्थ्य मंत्रालय में हेप्पीनेस इंडेक्स गठन करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन

हेप्पीनेस पर कार्यरत स्वैच्छिक सामाजिक संस्था सजग ने प्रदेश के खुशी स्तर को बेहतर बनाने के लिए हेप्पीनेस आयोग या हेप्पीनेस इंडेक्स का गठन करने की मांग की है। इस संदर्भ पर सजग के प्रदेशाध्यक्ष वास्तु एवं लाइफ काउंसलर सत्यपाल अग्रवाल सहित अन्य ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन देने वालों में देवीराम जिंदल, संजय डालमिया, अनिल सिंगला मंगाली वाला, रतन बंसल खेड़ा वाला, संजय गर्ग, दुनीचंद गोयल, अनिल कुमार आदि शामिल रहे। ज्ञापन में कहा गया है की संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस जारी की गई वर्ल्ड हेप्पीनेस रिपोर्ट 2024 में खुशी के स्तर पर भारत 146 देशों में 126 वें स्थान पर है। लगभग ऐसी ही स्थिति हमारे प्रदेश की भी है। चारों ओर खुशहाली प्रदान करने की क्षमता वाली महान संस्कृति से युक्त भारत के नागरिकों की खुशी के स्तर की यह स्थिति चिंतनीय है।

ज्ञापन में हवाला दिया गया है कि खुशी का सीधा-सीधा असर मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा है इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय में हेप्पीनेस इंडेक्स या प्रसन्न्ता आयोग आदि कोई ऐसा विभाग बनाया जाए जो प्रत्येक प्रदेशवासी को मूलभूत आवश्यकताएं, शिक्षा एवं आजिविका की गारंटी से लेकर शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हमारे प्राचीन ग्रंथों, संस्कृति एवं आधुनिक तकनीक के बीच समन्वय स्थापित कर ऐसे कार्यक्रम तैयार करें जिनसे राज्य की जनता खुशी व समृद्धि की ओर अग्रसर रहे और प्रदेश के खुशी के स्तर में सुधार हो।

कई वर्षों से मांग करते आ रहे सजग प्रदेशाध्यक्ष वास्तु एवं लाइफ काउंसलर सत्यपाल अग्रवाल ने बताया कि ज्ञापन में यह भी लिखा है कि विश्व के कई देश अपने नागरिकों की खुशहाली के लिए प्रयासरत हैं। सबसे पहले भूटान ने हेप्पीनेस इंडेक्स की स्थापना की। संयुक्त अरब अमीरात में भी हेप्पीनेस मंत्रालय का गठन हुआ और हमारे देश में मध्यप्रदेश में भी हेप्पीनेस विभाग का गठन हो चुका है। कुछ समय पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी हरियाणा में हेप्पीनेस विभाग गठन करने की इच्छा जाहिर की थी और उस समय हरियाणा में एक और सुधार कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई थी।

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