उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, लखनऊ कमिश्नरेट में नए चेहरों की एंट्री
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को प्रशासनिक अमले में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जारी इस सूची में राजधानी लखनऊ के पुलिस कमिश्नरेट सहित कई महत्वपूर्ण जिलों और रेंज के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना तथा आगामी चुनौतियों के मद्देनजर अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपना है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन तबादलों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
लखनऊ कमिश्नरेट में बड़ा बदलाव: अपर्णा कुमार बनीं जेसीपी
इस तबादला सूची में राजधानी लखनऊ का पुलिस कमिश्नरेट सबसे अधिक चर्चा में है। शासन ने लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) अमित वर्मा को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अपर्णा कुमार को लखनऊ का नया संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। अपर्णा कुमार अपनी कार्यकुशलता और साहसिक अभियानों के लिए जानी जाती हैं, और उनकी नियुक्ति से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की रणनीति में नए बदलाव आने की उम्मीद है। वहीं, हटाए गए अमित वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए प्रतीक्षारत रखा गया है या उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण विंग में तैनात करने की तैयारी है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे किरन एस को लखनऊ रेंज की कमान
तबादलों की इस कड़ी में एक और महत्वपूर्ण नाम किरन एस का है। हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से उत्तर प्रदेश कैडर में वापस आए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी किरन एस को सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए लखनऊ रेंज का महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया है। लखनऊ रेंज के आईजी के रूप में उन पर राजधानी से सटे जिलों की सुरक्षा और पुलिसिंग को बेहतर बनाने का दारोमदार होगा। उनकी वापसी और इस महत्वपूर्ण पद पर तैनाती को सरकार के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। उनके अनुभव का लाभ प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने में मिलेगा।
प्रशासनिक दक्षता पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक साथ 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले इस बात का संकेत हैं कि शासन पुलिसिंग के स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने के मूड में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था या जो लंबे समय से एक ही पद पर तैनात थे, उन्हें बदला गया है। इसके अलावा, कई जिलों के पुलिस कप्तान और पीएसी बटालियन के सेनापतियों को भी इधर से उधर किया गया है। सरकार की मंशा है कि अनुभवी अधिकारियों को फील्ड में तैनात कर जनता और पुलिस के बीच समन्वय को बेहतर किया जाए और अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।
कानून-व्यवस्था और आगामी चुनौतियां
माना जा रहा है कि आने वाले समय में होने वाले महत्वपूर्ण आयोजनों और सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए यह फेरबदल किया गया है। लखनऊ जैसे वीवीआईपी जिले में नई टीम की तैनाती से सुरक्षा चक्र और अधिक अभेद्य होने की उम्मीद है। पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए कार्यभार को संभालने के निर्देश दिए हैं। शासन का मानना है कि इन बदलावों से पुलिसिंग में नई ऊर्जा का संचार होगा और अपराध दर को कम करने में मदद मिलेगी।

