• June 23, 2024

Mahashivaratri Special : महाशिवरात्रि पर आप भी रख रहे है व्रत तो जरूर करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा फल

 Mahashivaratri Special : महाशिवरात्रि पर आप भी रख रहे है व्रत तो जरूर करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा फल

शिवपुराण द्वारा दी गयी जानकारी अनुसार , महाशिवरात्रि और शिवरात्रि पर भक्तों का व्रत रहना अनिवार्य बताया गया है। इसके साथ ही इस दिन विशेष तौर शिव की आराधना करनी चाहिए। इस दिन व्रत और आराधना करने वाले भक्त को पूरे साल इस पूजा और व्रत का फल मिलता है। इसलिए शिव कृपा की इच्छा रखने वाले शिव भक्तों को शिवरात्रि के दिन व्रत अथवा फलाहार रखकर भगवान भोलेनाथ का व्रत करना चाहिए और रात्रि काल में विशेष रूप से शिवजी की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इस दिन को लेकर लोगों की मनाया है की आज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यह व्रत उनके वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर मनाया जाता है. आइए जानते है महाशिवरात्रि पर कैसे करें व्रत और पूजा व क्‍या हैं नियम …

व्रत की ऐसे करें शुरुआत

ज्योतिषाचार्यों की माने तो महाशिवरात्रि के व्रत की शुरुआत त्रयोदशी से ही हो जाती है। इस दिन से ही लोग शुद्ध सात्विक आहार लेना शुरू कर देना देते हैं। बहुत हद तक यह सही भी माना गया है, इसके साथ ही चतुर्दशी तिथि को पूजा करके व्रत करने का संकल्‍प लेना चाहिए। इस दिन शिवजी को भांग, धतूरा, गन्‍ना, बेर और चंदन अर्पित किया जाता है। वहीं माता पार्वती को सुहागिन महिलाएं सुहाग की प्रतीक चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर अर्पित किया जाता है। यदि आप उपवास करते हैं तो पूरे दिन फलाहार ग्रहण करें और नमक का सेवन न करें। यदि किसी वजह से नमक का सेवन करते हैं तो सेंधा नमक का सेवन करें।

जानिए क्या है महाशिवरात्रि की व्रतविधि

महाशिवरात्रि व्रत में चारों पहर में पूजन किया जाता है। प्रत्येक पहर की पूजा में ऊं नम: शिवाय का जप करते रहना चाहिए। अगर शिव मंदिर में यह जप करना संभव न हो, तो घर की पूर्व दिशा में, किसी शान्त स्थान पर जाकर इस मंत्र का जप किया जा सकता है। चारों पहर में किए जाने वाले इन मंत्रों के जप से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त उपवास की अवधि में रुद्राभिषेक करने से भगवान शंकर अत्यन्त प्रसन्न होते हैं।

पूजन के समय इन बातों का रखे खास ध्यान

व्रत के नियम महाशिवरात्रि के व्रत में नमक का सेवन नहीं किया जाता है। यदि फिर भी कोई बीमार है या फिर गर्भवती महिला हैं या बुजुर्ग हैं तो वह व्रत में फलाहारी नमक का प्रयोग कर सकते हैं। व्रत करने वाले व्‍यक्ति को दिन में निद्रा नहीं लेनी चाहिए और रात्रि में भी शिवजी का भजन करके जागरण करना चाहिए। इस दिन पति और पत्‍नी को साथ मिलकर शिवजी के भजन करने चाहिए। ऐसा करने से उनके संबंधों में मधुरता बनी रहती है।
माना जाता है कि शिवजी को खट्टे फलों का भोग नहीं लगाना चाहिए और सफेद मिष्‍ठान का प्रयोग करना चाहिए।

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