Jaisalmer gets Direct Delhi Connect: पाकिस्तान बॉर्डर से राजधानी तक बिछी नई रेल लाइन, शुरू हुई ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’!
Jaisalmer gets Direct Delhi Connect: जैसलमेर (Jaisalmer) जैसे संवेदनशील राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े जिले के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक सौगात दी है। लंबे समय से अटकी हुई दिल्ली (Delhi) तक सीधी ट्रेन की मांग अब पूरी हो गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने हाल ही में नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर न केवल स्थानीय यात्रियों और सेना के जवानों को राहत दी है, बल्कि इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को रणनीतिक मजबूती भी प्रदान की है। यह ट्रेन व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक नया जरिया बनेगी। उद्घाटन के बाद से ही यात्री इस महत्वपूर्ण ट्रेन के रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग जानने के लिए उत्सुक हैं। यह नया कॉरिडोर किस तरह मारवाड़ और शेखावाटी को जोड़ेगा और क्या हैं इसकी मुख्य विशेषताएं? तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है, जानते हैं विस्तार से…
सुरक्षा और पर्यटन की दशकों पुरानी मांग
जैसलमेर (Jaisalmer) जिले की दिल्ली (Delhi) से सीधी रेल कनेक्टिविटी की मांग के पीछे कई दशक पुरानी जरूरतें निहित थीं। यह क्षेत्र न केवल थार रेगिस्तान की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह पाकिस्तान सीमा (Pakistan Border) से सटा होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण भी है। यहाँ सेना (Indian Army) की भारी तैनाती रहती है, जिसके चलते जवानों और उनके परिवारों के लिए राजधानी तक आसान और सीधा आवागमन पहली प्राथमिकता थी। इसके अतिरिक्त, पर्यटन की दृष्टि से जैसलमेर देश-विदेश में लोकप्रिय है, लेकिन सीधी ट्रेन न होने के कारण पर्यटकों को अक्सर असुविधा होती थी और उन्हें बीच में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। स्थानीय व्यापारी (Traders) भी मानते थे कि दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी उनके व्यापार को तेज गति देगी। इसलिए, यह मांग सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं, बल्कि इस बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़ी हुई थी।
रेल मंत्री ने किया शुभारंभ, सेना रही मौजूद
29 दिसंबर को जैसलमेर (Jaisalmer) रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण समारोह आयोजित हुआ, जहाँ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जैसलमेर-दिल्ली के लिए नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और भारतीय सेना (Indian Army) के कई अधिकारी भी मौजूद रहे, जिसने इस परियोजना की रणनीतिक अहमियत को और उजागर किया। यह ट्रेन उद्घाटन दिवस पर सुबह 11:20 बजे जैसलमेर से रवाना हुई और लगभग 17 घंटे का सफर तय करके अगले दिन तड़के 4:30 बजे दिल्ली के शकूरबस्ती (Shakur Basti) स्टेशन पहुंची। ट्रेन में यात्रियों की हर जरूरत का ध्यान रखते हुए 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें फर्स्ट एसी (First AC) से लेकर जनरल कोच (General Coach) तक शामिल हैं। यह ट्रेन अब रोजाना (Daily) संचालित होगी, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है।
नए रूट पर महत्वपूर्ण ठहराव और यात्रियों की प्रतिक्रिया
जैसलमेर-दिल्ली नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस (Swarna Nagari Express) का रूट इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह पूरे मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र के प्रमुख शहरों को कवर कर सके। यह ट्रेन जैसलमेर से रवाना होकर जोधपुर (Jodhpur), मेड़ता रोड (Merta Road), डेगाना (Degana), मकराना (Makrana) और जयपुर (Jaipur) जैसे बड़े शहरों में रुकेगी। दिल्ली (Delhi) पहुंचने से पहले यह दौसा (Dausa), अलवर (Alwar), रेवाड़ी (Rewari) और गुरुग्राम (Gurugram) जैसे स्टेशनों पर भी ठहराव देगी। यह रूट न केवल पर्यटन और व्यापार के लिए एक मजबूत रेल कॉरिडोर बनाता है, बल्कि सैन्य मूवमेंट के लिए भी एक सुविधाजनक मार्ग है। उद्घाटन के बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया अत्यंत सकारात्मक रही है। स्थानीय लोगों ने इसे “विकास का नया अध्याय” बताया है, जो उनकी दशकों पुरानी मांग को पूरा करता है। अब उन्हें दिल्ली के लिए यात्रा योजना बनाने में किसी भी तरह की अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दैनिक संचालन और भविष्य की कार्ययोजना
नई स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस (New Swarna Nagari Express) का नियमित संचालन 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है, जिससे जैसलमेर (Jaisalmer) और दिल्ली (Delhi) के बीच आवागमन पूरी तरह से आसान हो गया है। ट्रेन नंबर 12249 दिल्ली के शकूरबस्ती (Shakur Basti) स्टेशन से प्रतिदिन शाम 5:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:00 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन नंबर 12250 जैसलमेर से हर शाम 5:00 बजे निकलेगी और अगले दिन सुबह 9:30 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में अपने सभी प्रमुख ठहरावों जैसे जयपुर, जोधपुर और गुरुग्राम पर निर्धारित समय पर रुकेगी। रेल मंत्रालय (Rail Ministry) ने यह स्पष्ट किया है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए भविष्य में इस ट्रेन में कोच की संख्या बढ़ाने और अन्य सुविधाओं को बेहतर करने पर भी विचार किया जाएगा। यह नई ट्रेन बॉर्डर क्षेत्र से देश की राजधानी की दूरी को सहज, सुरक्षित और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।