ataltv.com

Hindi News, Breaking Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, ताजा हिंदी ख़बरें

भारत-यूएस टू प्लस टू वार्ता 10 नवंबर को, द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे अमेरिकी रक्षा मंत्री

भारत और अमेरिका के बीच 10 नवंबर को नई दिल्ली में टू प्लस टू वार्ता होगी। मंत्रिस्तरीय वार्ता की सह-अध्यक्षता करने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन 09 नवंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे और उनका स्वागत पालम तकनीकी क्षेत्र में तीनों सेनाओं के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया जाएगा। ऑस्टिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे, जिसमें कई रक्षा सौदों के फाइनल होने की उम्मीद है। टू प्लस टू वार्ता से पहले गुरुकुल नामक इंडस-एक्स शैक्षिक श्रृंखला शुरू की गई है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 10 नवंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ मंत्रिस्तरीय टू प्लस टू वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। टू प्लस टू वार्ता और द्विपक्षीय बैठक के दौरान कई रणनीतिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिकी सचिव लॉयड ऑस्टिन ने इससे पहले जून, 2023 में भारत का दौरा किया था और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात की थी।

भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता से पहले बुधवार को नई दिल्ली में प्रथम इंडस-एक्स निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग और अमेरिकी रक्षा विभाग के अंतर्गत रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आई डेक्स) ने इस कार्यक्रम के दौरान इंडस-एक्स शैक्षिक श्रृंखला (गुरुकुल) भी शुरू की। अमेरिकी रक्षा विभाग के अंतर्गत रक्षा नवाचार इकाई (डीआईयू) के निदेशक डौग बेक ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विवेक विरमानी ने किया।

पहले इंडस-एक्स निवेशक सम्मेलन के दौरान रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) में निवेशकों की रुचि और इंडस-एक्स पहल के अंतर्गत उभरते अवसरों को प्रदर्शित किया गया। इस कार्यक्रम में स्टार्ट-अप, निवेशकों, सरकारी अधिकारियों और रक्षा उद्योग के व्यापारिक प्रतिनिधियों सहित 50 चुनिंदा उपस्थित लोगों के साथ पैनल चर्चा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। पैनल ने ‘रक्षा क्षेत्र में निवेश के अवसरों’ पर चर्चा की, जिसमें रक्षा सहयोग और सह-उत्पादन के लिए एक स्थायी वाणिज्यिक आधार स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *