आतंकवाद पर भारत का बड़ा प्रहार: जैश-लश्कर के 23 आतंकियों को UAPA के तहत घोषित किया गया आतंकवादी
भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने 4 जुलाई को जारी गजट अधिसूचना के माध्यम से इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में छिपे हुए हैं और लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। सरकार का कहना है कि UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद इनके खिलाफ कानूनी और जांच संबंधी कार्रवाई को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
सूची में शामिल प्रमुख नाम
मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 41 वर्षीय मसूद इलियास कश्मीरी जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय सदस्य है और वर्तमान में पाकिस्तान के रावलकोट में रह रहा है। उस पर आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, हथियार एवं गोला-बारूद की व्यवस्था करने और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने का आरोप है।
मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर उर्फ अब्दुल मनन
मोहम्मद मुसादिक को जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख संचालक बताया गया है। उस पर वर्ष 2022 में जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले की साजिश रचने और संचालन में शामिल होने का आरोप है।
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्चिंग कमांडर माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2016 में नगरोटा स्थित भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले का आरोपी है।गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ऐसे तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। UAPA की चौथी अनुसूची में नाम शामिल होने के बाद इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, वित्तीय नेटवर्क पर निगरानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग हासिल करने की प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।