‘बुम्बरो बुम्बरो’: मिशन कश्मीर ने कश्मीरी लोकगीत को दिया नया जीवन, आज भी शादियों की शान
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गीत हैं जिन्होंने न सिर्फ अपनी धुन से बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान से भी खास जगह बनाई है। ऐसा ही एक लोकप्रिय गीत है ‘बुम्बरो बुम्बरो’, जो साल 2000 में आई फिल्म ‘मिशन कश्मीर’ के जरिए पूरे देश में मशहूर हुआ।
कश्मीरी लोकगीत से बॉलीवुड तक का सफर
‘बुम्बरो बुम्बरो’ मूल रूप से कश्मीर का एक पारंपरिक लोकगीत है, जिसे खासतौर पर शादी और मेहंदी जैसे अवसरों पर महिलाएं गाती हैं। यह गीत कश्मीर की समृद्ध लोकसंस्कृति और उत्सवों की झलक पेश करता है। फिल्म ‘मिशन कश्मीर’ के लिए संगीतकार शंकर-एहसान-लॉय ने इस लोकधुन को आधुनिक संगीत के साथ मिलाकर नया रूप दिया। इसे सुनिधि चौहान, शंकर महादेवन और जासपिंदर नरूला ने अपनी आवाज दी, जिससे यह गीत और भी लोकप्रिय हो गया।
ऋतिक और प्रीति की केमिस्ट्री ने बनाया यादगार
फिल्म में ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा पर फिल्माए गए इस गाने ने दर्शकों का दिल जीत लिया। कश्मीरी वादियों, पारंपरिक परिधानों और जीवंत डांस ने इसे एक विजुअल ट्रीट बना दिया। यही वजह है कि यह गीत सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं रहा, बल्कि कश्मीरी संस्कृति की पहचान बन गया।
आज भी कायम है लोकप्रियता
दो दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ‘बुम्बरो बुम्बरो’ की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। यह गाना आज भी—
- शादियों और मेहंदी समारोहों में बजाया जाता है
- स्कूल और कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा रहता है
- सोशल मीडिया पर रील्स और डांस वीडियो के रूप में वायरल होता है
सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
‘बुम्बरो बुम्बरो’ उन चुनिंदा बॉलीवुड गीतों में शामिल है, जिन्होंने भारतीय लोकसंगीत को नई पहचान दिलाई और उसे देश-विदेश तक पहुंचाया।