• February 27, 2026

हावड़ा: औद्योगिक गौरव से अपराध का गढ़ तक – 2026 बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सवाल

नई दिल्ली/कोलकाता, 27 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल का हावड़ा, जो कभी ब्रिटेन के प्रसिद्ध औद्योगिक शहर शेफ़ील्ड से तुलना किया जाता था, आज आपराधिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। गंगा के किनारे बसा यह जुड़वां शहर, जहां जूट मिलों, छोटे उद्योगों और बहुसांस्कृतिक पहचान का गौरव था, अब दिनदहाड़े गोलीकांड, गैंगवार और एक्सटॉर्शन जैसी घटनाओं से सुर्खियों में है। जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हावड़ा की यह बदलती तस्वीर राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हावड़ा का ऐतिहासिक गौरवहावड़ा का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है – कोलकाता से भी पुराना। अंग्रेजी काल में इसे ‘भारत का शेफ़ील्ड’ कहा जाता था, क्योंकि यहां छोटे-बड़े उद्योगों का जाल फैला हुआ था। गंगा के पश्चिमी तट पर बसी यह जगह बंगाल की लोकप्रिय कहावत ‘गंगार पश्चिम कुल वाराणसी समतुल्य’ (गंगा का पश्चिमी तट वाराणसी के समान पवित्र है) का प्रतीक थी। यहां जूट मिलें, हीरा काटने का कारोबार (डोमजूर इलाका), और सांस्कृतिक धरोहर जैसे शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का निवास और स्वामी विवेकानंद का बेलूर मठ स्थित है। हावड़ा ब्रिज (रबिंद्र सेतु) आज भी बॉलीवुड और टॉलीवुड फिल्मों में रोमांटिक बैकग्राउंड के रूप में चमकता है।
आज की हकीकत:
अपराध का केंद्रलेकिन अब हावड़ा की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। हाल की घटनाएं इसकी पुष्टि करती हैं:

  • पिलखाना इलाके में 25 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े एक रियल एस्टेट प्रमोटर शफीक खान (27) की पॉइंट-ब्लैंक गोली मारकर हत्या कर दी गई। CCTV में कैद इस घटना में दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें शफीक की मौके पर ही मौत हो गई।
  • पुलिस ने मुख्य आरोपी हारुन खान और रोहित हुसैन को फरार बताया है, जबकि तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में गैंगवार, जमीन कब्जा और एक्सटॉर्शन का मामला सामने आया है।
  • भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी हारुन खान का तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय विधायक और नेताओं से संबंध है। एक पत्रकार को TMC विधायक से सवाल करने पर हमला भी किया गया।
  • पिलखाना और गोलाबारी जैसे इलाकों में गैंग राइवलरी (जैसे टिपू सुल्तान गैंग vs अकाश सिंह गैंग) तेज हो गई है।

चुनावी संदर्भ में बड़ा मुद्दापश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने वाले हैं। ऐसे में हावड़ा जैसा महत्वपूर्ण औद्योगिक और शहरी इलाका अपराधग्रस्त होना TMC सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है। विपक्षी दल इसे ‘तुष्टिकरण’ और ‘अपराध संरक्षण’ से जोड़ रहे हैं। हाल के वर्षों में राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और संगठित अपराध बढ़ने की रिपोर्ट्स आई हैं।

हावड़ा का यह सफर – औद्योगिक महानगर से अपराध का हॉटस्पॉट तक – शासन की विफलता का प्रतीक बन गया है। क्या चुनाव से पहले सरकार इस पर काबू पा पाएगी? या यह बदलाव राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर लाएगा? समय बताएगा।
Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *