• March 30, 2026

केएमसीएलयू और श्रम एवं सेवायोजन विभाग के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता: युवाओं के कौशल व रोजगार को मिलेगा नया आयाम

 केएमसीएलयू और श्रम एवं सेवायोजन विभाग के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता: युवाओं के कौशल व रोजगार को मिलेगा नया आयाम

लखनऊ | 30 मार्च 2026  ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ ने प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भाषाई दक्षता को व्यावसायिक कौशल से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।

मुख्य अतिथि का संबोधन: “भाषा ही अवसरों का द्वार है”

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

“यह पहल प्रदेश के युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि अवसरों का द्वार है। जब हम भाषा को व्यावहारिक और तकनीकी कौशल के साथ जोड़ते हैं, तो युवाओं की करियर संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।”

MoU की मुख्य विशेषताएं

इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय और विभाग मिलकर निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करेंगे:

  • उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण: बाजार की मांग के अनुरूप भाषा और कौशल विकास कार्यक्रमों का निर्माण।

  • इंटर्नशिप और प्लेसमेंट: छात्रों के लिए व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसरों का सृजन।

  • करियर परामर्श: संयुक्त कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और करियर गाइडेंस सत्रों का आयोजन।

  • शोध एवं विकास: रोजगार प्रवृत्तियों और कार्यबल विकास से जुड़े शोध कार्यों को प्रोत्साहन।

विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने इस सहयोग पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से छात्र बदलते वैश्विक रोजगार बाजार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।

उपस्थिति एवं हस्ताक्षर

समझौते पर विश्वविद्यालय की ओर से वित्त अधिकारी श्री संजीव गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। इस गरिमामयी अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:

  • डॉ. महेश कुमार, रजिस्ट्रार

  • प्रो. सौबान सईद, डीन एकेडमिक्स

  • डॉ. सुमन कुमार मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ शिक्षक व अधिकारीगण।

यह समझौता न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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