अंडा या सोयाबीन: प्रोटीन का सबसे बेहतर स्रोत कौन सा? जानिए पूरी सच्चाई
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सिर्फ एक पोषक तत्व नहीं, बल्कि जीवन का ‘बिल्डिंग ब्लॉक’ माना जाता है। हमारे बाल, नाखून, त्वचा और मांसपेशियां मुख्य रूप से प्रोटीन से ही बनी होती हैं। जब हम कसरत करते हैं या दिनभर शारीरिक काम करते हैं, तो मांसपेशियों में सूक्ष्म स्तर पर टूट-फूट होती है। ऐसे में प्रोटीन इन ऊतकों की मरम्मत कर उन्हें मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यही कारण है कि मसल्स के विकास और शरीर की मजबूती के लिए प्रोटीन को सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है।
हालांकि जब प्रोटीन के स्रोत की बात आती है, तो अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है—अंडा बेहतर है या सोयाबीन? फिटनेस पसंद करने वाले लोग अपनी डाइट में दोनों को शामिल करते हैं, लेकिन यह जानना चाहते हैं कि इनमें से कौन सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है।
अंडा क्यों माना जाता है ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’?
अंडे को प्रोटीन का “गोल्ड स्टैंडर्ड” कहा जाता है, क्योंकि इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड संतुलित मात्रा में मौजूद होते हैं। पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, एक बड़े अंडे में प्रोटीन की मात्रा उसके अलग-अलग हिस्सों में विभाजित होती है।
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अंडे के सफेद भाग में लगभग 3.6 ग्राम प्रोटीन होता है और यह पूरी तरह फैट-फ्री होता है।
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अंडे की जर्दी में करीब 2.7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। हालांकि इसमें प्रोटीन थोड़ा कम होता है, लेकिन अंडे के ज्यादातर विटामिन—जैसे विटामिन A, D, E और K—और हेल्दी फैट्स इसी हिस्से में मौजूद होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अंडे को उबालकर खाना प्रोटीन प्राप्त करने का सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। कच्चे अंडे की तुलना में पके हुए अंडे से शरीर लगभग 91 प्रतिशत तक प्रोटीन को आसानी से अवशोषित कर लेता है।
100 ग्राम सोयाबीन में कितना होता है प्रोटीन?
सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यदि 100 ग्राम सूखे सोयाबीन की बात करें, तो इसमें लगभग 36 से 40 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल करता है।
सोयाबीन को भी एक “कंप्लीट प्रोटीन” माना जाता है, क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं। इसके अलावा सोयाबीन में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जैसे:
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कैल्शियम
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आयरन
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पोटेशियम
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मैग्नीशियम
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फॉस्फोरस
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जिंक
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कॉपर
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सेलेनियम
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मैंगनीज
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विटामिन C और बी-कॉम्प्लेक्स (थायमिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, विटामिन B6)
हालांकि सोयाबीन को खाने से पहले इसे अच्छी तरह भिगोकर और पकाकर खाना जरूरी माना जाता है, ताकि इसके एंटी-पोषक तत्व कम हो सकें।
आखिर कौन है बेहतर विकल्प?
अगर आप मसल बिल्डिंग या बॉडीबिल्डिंग कर रहे हैं और ऐसा प्रोटीन चाहते हैं जिसे शरीर जल्दी और प्रभावी तरीके से उपयोग कर सके, तो अंडा बेहतर विकल्प माना जाता है। साथ ही इसमें विटामिन B12 और विटामिन D भी मिलता है, जो सोयाबीन में नहीं होता।
वहीं अगर आप शाकाहारी हैं या कम बजट में ज्यादा प्रोटीन लेना चाहते हैं, तो सोयाबीन एक बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, जिससे यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।