October 4, 2026

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E20 पेट्रोल से माइलेज घटता है? इंजन पर पड़ता है असर? जानिए एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

नई दिल्ली: देशभर में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल को लेकर वाहन चालकों के मन में कई सवाल हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या E20 पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है और क्या इससे इंजन को नुकसान पहुंच सकता है? इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी।

रिसर्च के बाद लागू किया गया E20

इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की पूर्व सीएमडी वर्तिका शुक्ला ने कहा कि देश में E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला बिना तैयारी के नहीं लिया गया। इसके पीछे वर्षों की रिसर्च, परीक्षण और तकनीकी अध्ययन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक परीक्षण के बाद ही इसे देशभर में लागू किया गया है।

माइलेज पर कितना पड़ता है असर?

मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि E10 की तुलना में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर माइलेज में मामूली कमी आती है। उनके अनुसार, E20 फ्यूल से वाहन का माइलेज औसतन करीब 3.3 प्रतिशत तक कम हो सकता है, लेकिन यह अंतर बहुत सीमित है।

इंजन पर नहीं पड़ता कोई नकारात्मक असर

विशेषज्ञों ने साफ किया कि वर्तमान में उपलब्ध E20 फ्यूल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाता है। यह आधुनिक BS-6 इंजनों के साथ-साथ कई पुराने इंजनों के लिए भी अनुकूल है। उन्होंने कहा कि चूंकि E20 में अभी भी 80 प्रतिशत पारंपरिक पेट्रोल होता है, इसलिए इससे इंजन की लाइफ या परफॉर्मेंस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

करोड़ों वाहनों की टेस्टिंग में नहीं मिली समस्या

राहुल भारती ने बताया कि बाजार में मौजूद आशंकाओं को देखते हुए कंपनियों ने व्यापक स्तर पर परीक्षण किए। उनके मुताबिक, 2026 में लगभग 2.84 करोड़ कारों की सर्विसिंग के दौरान E20 फ्यूल के प्रभाव का आकलन किया गया। इनमें 1.5 करोड़ से अधिक वाहन तीन वर्ष से ज्यादा पुराने थे, लेकिन किसी भी वाहन में E20 के कारण इंजन या परफॉर्मेंस से जुड़ी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई।

भविष्य की तैयारी भी जारी

टोयोटा इंडिया के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने कहा कि सरकार ने 2021 में गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और विस्तृत परीक्षण के बाद ही E20 को लागू करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग भविष्य के वैकल्पिक ईंधनों पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं और भविष्य का रोडमैप लगातार परीक्षण और तकनीकी विकास के आधार पर तैयार किया जाएगा।

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