डिजिटल क्रांति: अब ‘रेलवन’ एप से बुक होंगे जनरल और रिजर्वेशन टिकट, यूटीएस सेवा एक मार्च से होगी बंद
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। आगामी एक मार्च से रेलवे का प्रसिद्ध ‘यूटीएस’ (UTS) मोबाइल एप पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, अब अनारक्षित (जनरल) और आरक्षित (रिजर्वेशन) दोनों प्रकार के टिकटों की बुकिंग के लिए एकमात्र अधिकृत मोबाइल एप ‘रेलवन’ (RailOne) प्रभावी होगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग एप डाउनलोड करने के झंझट से मुक्ति दिलाना और एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत सेवाएं प्रदान करना है।
वर्तमान में यात्रियों को जनरल टिकट के लिए यूटीएस एप और आरक्षित टिकटों के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) एप या वेबसाइट का सहारा लेना पड़ता है। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि दो अलग-अलग प्रणालियों के कारण डेटा प्रबंधन और यात्रियों के अनुभव में जटिलताएं आती थीं। रेलवन एप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह डिजिटल टिकटिंग को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगा। यह कदम भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को रेलवे के बुनियादी ढांचे में गहराई से लागू करने की कड़ी का हिस्सा है। एक मार्च के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए केवल रेलवन एप ही अपडेट रखना होगा।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर निर्णायक वार्ता कल से ब्रसेल्स में
भारत की वैश्विक व्यापारिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 8 और 9 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के लिए मंत्री-स्तरीय वार्ता आयोजित की जाएगी। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पीयूष गोयल ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस शेफचोविच के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
इस उच्च स्तरीय वार्ता का मुख्य एजेंडा दोनों पक्षों के बीच लंबित मुद्दों पर सहमति बनाना और रणनीतिक दिशा तय करना है। यह बैठक ब्रसेल्स में हाल ही में हुई उन चर्चाओं का विस्तार है, जिनमें वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक साबीन वेयांड शामिल थीं। एफटीए के सफल होने से भारतीय उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार के दरवाजे और व्यापक रूप से खुलेंगे, जिससे कपड़ा, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पादों के निर्यात में भारी वृद्धि की संभावना है। दोनों पक्ष इस समझौते को एक महत्वाकांक्षी और संतुलित रूप देने के लिए तत्पर हैं।
नंदीग्राम में गूंजी ‘असली बदलाव’ की मांग: सुवेंदु अधिकारी ने किसान आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में बुधवार को भावुक और राजनीतिक सरगर्मी वाला माहौल रहा। वर्ष 2007 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन की बरसी पर आयोजित ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भाग लिया। उन्होंने नंदीग्राम आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुवेंदु अधिकारी ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश दिया कि जिस बदलाव के लिए किसानों ने 2007 में अपनी शहादत दी थी, वह अभी तक अधूरा है।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम में 31 शहीद परिवारों के सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पश्चिम बंगाल की जनता एक बार फिर ‘असली बदलाव’ की राह देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन ने उन किसानों के बलिदान को भुला दिया है जिन्होंने जमीन की रक्षा के लिए गोलियां खाई थीं। सुवेंदु अधिकारी का यह बयान आने वाले विधानसभा चुनावों और स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नंदीग्राम बंगाल की राजनीति का एक प्रतीकात्मक केंद्र रहा है।
के. कविता का विधान परिषद से इस्तीफा स्वीकार: तेलंगाना की राजनीति में नया मोड़
तेलंगाना की राजनीति में एक प्रमुख घटनाक्रम के तहत, विधान परिषद के अध्यक्ष गुथा सुकेंदर रेड्डी ने तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता का इस्तीफा आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। के. कविता, जो निजामाबाद स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में चुनी गई थीं, ने हाल ही में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
कविता का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में कई बदलाव हो रहे हैं। विधान परिषद सचिवालय ने पुष्टि की है कि उनका इस्तीफा नियमों के तहत मंजूर कर लिया गया है और अब यह सीट रिक्त घोषित कर दी गई है। राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को कविता की भविष्य की चुनावी योजनाओं या संगठन के भीतर किसी नई जिम्मेदारी से जोड़कर देख रहे हैं। के. कविता तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पुत्री हैं और राज्य की राजनीति में उनका एक बड़ा प्रभाव रहा है।
ओडिशा के मयूरभंज में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर: 10 घर ध्वस्त
ओडिशा के मयूरभंज जिले के बरिपड़ा स्थित महाराजपुर इलाके में बुधवार को जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए 10 से अधिक पक्के और कच्चे घरों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में आरक्षित थी और पिछले कई वर्षों से यहां अवैध बस्तियां बस रही थीं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई से पहले निवासियों को कई बार नोटिस जारी कर जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली तो बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने रोष प्रकट किया, जिसे देखते हुए प्रशासन ने मानवीय आधार पर उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित करने और उनके पुनर्वास के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्तियों की रक्षा करना प्राथमिकता है और अन्य इलाकों में भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।
संदेशखाली हिंसा का मुख्य आरोपी मूसा गिरफ्तार: पुलिस पर हमले के मामले में 13वीं गिरफ्तारी
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के चर्चित संदेशखाली इलाके में पुलिस टीम पर हुए घातक हमले के मुख्य आरोपी मूसा मोल्ला को पुलिस ने एक गुप्त अभियान के तहत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मूसा को नजात थाना क्षेत्र के हुलो पाड़ा इलाके से उस समय पकड़ा गया जब वह कहीं और भागने की फिराक में था। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों की संख्या 13 पहुंच गई है।
यह मामला पिछले शुक्रवार की रात का है, जब पुलिस की एक टीम संदेशखाली के बोयेरमारी गांव में अवैध कब्जों के संबंध में मूसा को गिरफ्तार करने गई थी। उस दौरान मूसा के समर्थकों और ग्रामीणों की एक बड़ी भीड़ ने लाठी-डंडों से पुलिस पर हमला कर दिया था, जिसमें छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस अब मूसा से पूछताछ कर रही है ताकि इस हमले के पीछे की गहरी साजिश और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। इलाके में तनाव को देखते हुए अभी भी अतिरिक्त बल तैनात है।
मदुरै में उल्लास के साथ मना संतानकूडू महोत्सव: श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
तमिलनाडु के मदुरै स्थित थिरुपरनकुंद्रम हिल पर बुधवार को सुलतान सिखंदर बादुशा औलिया दरगाह में ‘संतानकूडू’ और वार्षिक उर्स महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक उत्सव सांप्रदायिक सद्भाव की एक अनूठी मिसाल के रूप में देखा जाता है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण भोर के समय निकाली गई भव्य रथ यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान पवित्र चंदन (संतानम) को एक अलंकृत रथ में रखकर पूरी पहाड़ी के चक्कर लगाते हुए दरगाह तक ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने दरगाह पर अरदास की और खुशहाली की दुआ मांगी। मदुरै जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे और पूरी पहाड़ी पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही थी। इस पारंपरिक उत्सव ने एक बार फिर दक्षिण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।
792 करोड़ की पोंजी धोखाधड़ी का भंडाफोड़: फाल्कन का एमडी मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार
तेलंगाना सीआईडी ने एक बड़े निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए ‘फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग’ कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) अमरदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को उस समय हिरासत में लिया गया जब वह ईरान से लौटकर मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा था। सीआईडी के अनुसार, अमरदीप ने ‘कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से एक फर्जी डिजिटल साम्राज्य खड़ा किया था, जिसके जरिए उसने हजारों निर्दोष निवेशकों को चूना लगाया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम का दुरुपयोग करते हुए एक आकर्षक पोंजी स्कीम चलाई। इस स्कीम के जाल में फंसकर 7,056 निवेशकों ने कुल 4,215 करोड़ रुपये जमा किए थे। इनमें से 4,065 जमाकर्ताओं के साथ सीधे तौर पर 792 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। ठगी गई राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए शेल कंपनियों, क्रिप्टोकरेंसी और रियल एस्टेट में निवेश किया गया था। सीआईडी अब तक इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और आरोपियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।