सीएम योगी ने लखीमपुर खीरी में 1234 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी, मियांपुर का नाम बदला ‘रविंद्र नगर’
योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के पलियाकलां क्षेत्र के चंदनचौकी और मोहम्मदी तहसील के मियांपुर में आयोजित कार्यक्रमों में विकास, अधिकार और पहचान से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कुल 1234 करोड़ रुपये की 527 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
भूमि अधिकार का वितरण
मुख्यमंत्री ने थारू समाज, पूर्वी उत्तर प्रदेश के विस्थापितों और बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपा।
- पलिया तहसील के 34 गांवों के 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि के अधिकार पत्र दिए गए
- पूर्वी यूपी के 2350 विस्थापित परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व मिला
- बांग्लादेश से विस्थापित 1031 परिवारों को भी अधिकार पत्र प्रदान किए गए
सीएम ने कहा कि दशकों से जिस जमीन पर लोग रह रहे थे, अब उसका कानूनी मालिकाना हक उन्हें मिल गया है।
थारू समाज को राहत का आश्वासन
चंदनचौकी में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के दौरान थारू समाज पर दर्ज मुकदमों को उनकी सरकार वापस लेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब किसी भी तरह का अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार हर वर्ग को उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मियांपुर का नाम बदला
मुख्यमंत्री ने मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नाम रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान में रखा गया है, जिससे गांव को नई पहचान मिलेगी।
विपक्ष पर निशाना
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कांग्रेस, सपा और टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने विस्थापितों को उनके अधिकार देने में बाधाएं उत्पन्न कीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है, जो नरेंद्र मोदी की सोच का हिस्सा है।
इतिहास से सीख का संदेश
मुख्यमंत्री ने 1947 के विभाजन का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के बिखराव से देश को नुकसान हुआ था और अब एकजुट होकर मजबूत भविष्य बनाने की जरूरत है। यह कार्यक्रम क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ लंबे समय से अधिकारों से वंचित समुदायों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।