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साढ़े सात करोड़ से अधिक की नकदी एवं अन्य कीमती सामग्री सीजर से मुक्त

विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उड़नदस्ता और स्टेटिक निगरानी टीम (एफएसटी, एसएसटी), पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सीज की गई सात करोड़ 58 लाख 42 हजार 948 रुपये की नकदी एवं अन्य कीमती सामग्री आम जनता और सही व्यक्तियों को लौटा दी गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने शनिवार को बताया कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नकदी या कीमती सामान रिलीज करने के अब तक 282 प्रकरणों का जिला स्तरीय समितियों द्वारा निस्तारण किया गया है। एफएसटी, एसएसटी द्वारा सीजर की कार्रवाई के दौरान अपील के बारे में भी जानकारी दी जाती है। जिला परिषद सीईओ, जिला कोषागार अधिकारी (टीओ) और संयोजक के रूप में निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी की तीन सदस्यीय अपीलीय समितियां जिलों में गठित की गई हैं। इन समितियों में अब तक 415 अपील जब्त नकदी और कीमती सामान रिलीज करवाने के लिए प्राप्त हुई हैं।

केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश के अनुसार चुनाव आचार संहिता के दौरान एफएसटी, एसएसटी अथवा पुलिस द्वारा अवैध नकदी सहित अवैध सामग्री के परिवहन पर की गई कार्रवाई के दौरान आम जनता तथा सही व्यक्तियों को असुविधा से बचाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नकदी और अन्य वस्तुओं की जब्ती और रिलीज के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश निर्वाचन विभाग की ओर से दिए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह समितियां पुलिस, एसएसटी एवं एफएसटी द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले की स्वतः जांच करती हैं। यदि जब्त की गई राशि के संबंध में कोई प्राथमिकी या शिकायत दर्ज नहीं की गई है या जब्त राशि किसी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल या किसी निर्वाचन अभियान इत्यादि से जुड़ी हुई नहीं है तो ऐसी नकदी रिलीज करने के बारे में आदेश जारी करने के लिए समिति तत्काल कदम उठाएगी। जिला शिकायत समिति को ऐसे मामलों पर बिना देरी किए निर्णय करना होता है और यदि कोई एफआईआर अथवा शिकायत दर्ज नहीं की गई है तो जब्त की गई नकदी या कीमती सामान से संबंधित मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा। किसी भी स्थिति में, मतदान की तारीख के बाद सात दिनों से अधिक समय तक मालखाना या कोषागार में ऐसे मामले लंबित नहीं रखे जाएंगे।

गुप्ती ने बताया कि यह रिटर्निंग अधिकारी का उत्तरदायित्व है कि ऐसे सभी मामलों को अपीलीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करें और अपीलीय समिति के आदेशानुसार नकदी एवं बहुमूल्य वस्तुओं को रिलीज करें। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा समस्या के लिए राज्यस्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम में टोली फ्री नंबर 180018001950 अथवा फोन नं. 0141-2227550 पर संपर्क किया जा सकता है।

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