पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारत निर्वाचन आयोग के बीच खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए हैं। अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि चुनाव आयोग विपक्षी दलों के वाजिब सवालों का जवाब देने के बजाय मुद्दों को भटकाने […]Read More
बंगाल चुनाव 2026 की बिसात: अमित शाह के ‘दो-तिहाई बहुमत’
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे और वहां दिए गए उनके बयानों ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हमलावर होने का मौका दे दिया है। अमित शाह ने जहां आगामी चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत और ममता सरकार की विदाई का दावा किया, वहीं टीएमसी ने इन […]Read More
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का महा-पुनरीक्षण: 32 लाख लोगों
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए शनिवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के ड्राफ्ट पर आज से आधिकारिक सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाना है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में उन 32 […]Read More
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: हुमायूं कबीर ने फूंका चुनावी बिगुल,
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित होने के बाद कद्दावर नेता हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया है। सोमवार को उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ के गठन की घोषणा की। पार्टी के गठन के साथ ही कबीर ने अपनी आक्रामक रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए […]Read More
बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या के बाद गहराता संकट:
ढाका/नई दिल्ली: दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश बांग्लादेश इस समय अपने इतिहास के सबसे अस्थिर और हिंसक दौर से गुजर रहा है। जुलाई में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद उम्मीद थी कि अंतरिम सरकार के नेतृत्व में देश शांतिपूर्ण ढंग से लोकतंत्र की ओर बढ़ेगा, लेकिन छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा की लपटों ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ढाका से लेकर चटगांव और खुलना तक, […]Read More






