इको-टूरिज्म को लेकर आगे बढ़ रहा उष्ट्र अनुसंधा केंद्र, दूध
राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) के निदेशक डॉ. आर्तबंधु साहू ने कहा कि ऊंट को ‘रेगिस्तान का जहाज’ कहा जाता है। इस प्रजाति ने मानव के क्रमिक विकास में महत्ती योगदान दिया है। बदलते परिवेश में इसकी पारंपरिक उपयोगिता प्रभावित हुई है, ऐस में केन्द्र द्वारा पशु की उपादेयता को खोजने के लिए ऊंटनी के दूध को एक वैकल्पिक स्रोत के रूप में चुना गया। केन्द्र में अनुसंधान से यह ज्ञात हुआ है कि इसका […]Read More






