महर्षि दधीचि भवन मानिकतल्ला में महर्षि दधीचि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में त्यागमूर्ति महर्षि दधीचि की पावन जयन्ती आनन्द और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का श्रीगणेश महर्षि दधीचि तथा मातेश्वरी दधिमथी के पूजन अर्चन से हुआ। समारोह की अध्यक्षता की समाजसेवी आशाराम काकड़ा ने। ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप सूंटवाल तथा मंत्री नारायण आसोपा ने सभी का स्वागत करते हुए महर्षि जयन्ती की बधाई दी। प्रधानवक्ता विजय ओझा ने त्यागमूर्ति दधीचि के आदर्शों और […]Read More
कोविड से शरीर में हुए प्रतिकूल प्रभावों को दूर करने
कोरोना महामारी के कठिन दौर के बाद लोगों के शरीर में जो प्रतिकूल प्रभाव हुए, उसे दूर करने में फिजियोथैरेपिस्ट ने बड़ी भूमिका निभाई। इस दौरान हम सबने इसके महत्व के बारे में जाना। शारीरिक दर्द, लकवा की बीमारी तथा न्यूरो सहित कई मामलों में आज फिजियोथैरेपी बड़ी मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश आज रविवार को राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा सभागार में आयोजित पहले ’फिजियोकॉन 2023’ को सम्बोधित कर […]Read More
छत्तीसगढ़ में अब तक 1033.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज
राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के अनुसार एक जून 2023 से अब तक राज्य में 1033.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 जून 2023 से आज 24 सितंबर सुबह तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1628.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 465 मिमी औसत वर्षा दर्ज की […]Read More
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता, भारतीय टीम की पहले बल्लेबाजी
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का दूसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी इस मैच में पैट कमिंस की जगह स्टीव स्मिथ कर रहे हैं। उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस अवसर पर स्मिथ ने कहा कि वह जीतने चाहते हैं, साथ ही अलग-अलग कॉन्बिनेशन भी आजमाना चाहते हैं। वहीं, भारतीय कप्तान केएल राहुल ने कहा कि वह पहले […]Read More
एकात्म मानववाद जैसी विचारधारा और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आज (25 सितंबर) जयंती है। उनका एकात्म मानव दर्शन मनुष्य को केंद्र में रखकर के संपूर्ण विश्व व्यवस्था का और उससे आगे बढ़ते हुए ब्रह्मांड व्यवस्था का मूल्याधिष्ठित किंतु व्यावहारिक विश्लेषण एवं दार्शनिकीकरण है। हम जानते हैं कि दर्शन के रूप में इसका सैद्धांतीकरण 1965 में आयोजित भारतीय जनसंघ के कालीकट अधिवेशन में हुआ था, जिसमें भारतीय जनसंघ के नीति प्रारूप के रूप […]Read More






