जातीय जनगणना को हवा देकर भाजपा के वोट बैंक को
पिछड़ी और अति पिछड़े वर्ग को भाजपा ने पहले से ही अच्छी संख्या में भागीदारी दे रखी है। इसके बावजूद बिहार में हुई जातीय जनगणना ने भाजपा नेताओं के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है। इस जनगणना का चुनाव पर बहुत ज्यादा असर तो नहीं पड़ने वाला है, लेकिन जातीय जनगणना की काट भाजपा को जल्द तलाशना पड़ेगा। उप्र में 2001 में सामाजिक न्याय समिति का गठन कर एक सर्वे कराया था, […]Read More






