रेल की पटरी उखाड़ने के जुर्म में राजाराम रूपौलिया को
आजादी की लड़ाई में जनपद के अनेक क्रांतिकारियों ने अपना योगदान दिया जिन्हें आज भी लोग याद करते हैं। ऐसे ही क्रांतिकारी थे बदौसा कस्बे के पंडित राजाराम रूपौलिया जिन्होंने असहयोग आंदोलन से लेकर आजादी के लिए हुए हर संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हें अंग्रेजों ने रेल पटरी उखाड़ने के जुर्म में 21 कोड़ों की सजा दी थी और एक अन्य मामले में एक साल की सजा दी थी। यह सजा उन्होंने प्रयागराज की […]Read More






