लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक गतिरोध: 22 साल बाद बिना
नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार का दिन एक ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। देश की सबसे बड़ी पंचायत, लोकसभा में एक ऐसी अभूतपूर्व घटना घटी जिसने न केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की गहरी खाई को उजागर किया, बल्कि दो दशक पुरानी यादों को भी ताजा कर दिया। सदन में मचे भारी शोर-शराबे, तीखी नारेबाजी और तख्तियों की नुमाइश […]Read More






