(आपातकाल) लोकतंत्र की हुई हत्या को भुलाया नहीं जा सकता
आपातकाल के उन दिनों की याद कर फिरोजाबाद के लोकतंत्र सेनानी आज भी गुस्से से भर जाते हैं। वह कहते हैं कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिर गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र की जो सरेआम हत्या की, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र सेनानी दिनेश भारद्वाज कहते हैं कि लोकतंत्र की बहाली के लिये वह किशोर अवस्था में जेल गए। जेल में वीर रस के गीतों से जो जोश पैदा होता था, उन गीतों […]Read More





