रमेश सर्राफ धमोरा सावन को पवित्र महीना माना जाता है। मान्यता है कि सावन में माता पार्वती ने भगवान शिव की तपस्या करके उन्हें पाया था। सावन दक्षिणायन में आता है जिसके देवता शिव हैं। इसीलिए इन दिनों उन्हीं की आराधना शुभ फलदायक होती है। सावन के महीने में बहुत वर्षा होती है। इसलिये इसे वर्षा ऋतु का महीना या पावस ऋतु भी कहा जाता है। तुम्हें गीतों में ढालूंगा सावन को आने दो । […]Read More
भारत में असमानता, संपन्नता और निर्धनता के बीच के द्वंद्व से परे है, क्योंकि जाति आधारित असमानताएं देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे की परिभाषित विशेषताओं में से एक हैं। वर्ल्ड इनइक्वैलिटी लैब के एक हालिया वर्किंग पेपर ने अमीर और गरीब के बीच की खाई को चौड़ा किया है। जाति आधारित असमानताएं देश के सामाजिक आर्थिक ढांचे की परिभाषित विशेषताओं में से हैं। आर्थिक असमानता का आकलन करने के लिए गिनी गुणांक और प्रतिशत अनुपात महत्वपूर्ण […]Read More
भारत एक महान देश है जिसके पास अतीत की बड़ी थाती है । हम सभी नागरिक देशभक्त हैं और भारतीय होने पर गर्व भी करते हैं । यह महान देश निकट भविष्य में ‘विश्व-गुरु’ बनने की उत्कट इच्छा पाले हुए है । इसके साथ ही भारत को ‘विकसित देश’ और तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति का दावा भी कर रहा है। इसे बनाने के लिए सभी कटिबद्ध भी हैं । इस दृष्टि से युवा वर्ग की […]Read More
दिल्ली के एक आईएएस कोचिंग सेंटर में पानी भरने से हुई तीन छात्रों की मौत ने शिक्षण संस्थाओं की कार्यशैली पर फिर बड़ा सवाल खड़ा किया है। सवाल ऐसा जिसका जवाब शायद वो कभी न दे पाएं। क्योंकि ऐसे सवाल हर ऐसी घटना के बादवर्षों से पूछे जा रहे हैं। देशभर के छात्र अपना भविष्य बनाने की चाह लेकर कोचिंग सेंटरों में पहुंचते हैं। भारी भरकम फीस भरते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ […]Read More
दिल्ली की प्रतिष्ठित राव कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। ओल्ड राजेंद्र नगर के इस दर्दनाक हादसे ने देशवासियों को झकझोर दिया। जो युवा आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर अपना घर बाहर, सुख सुविधा छोड़कर दिल्ली परीक्षा की तैयारी के लिए गये थे, वो मुनाफाखोर कोचिंग संचालक की धूर्तता, सरकारी अमले की अकर्मण्यता और […]Read More






