राष्ट्रबोध से ही राष्ट्र समृद्धि यात्रा सार्थक होगी, कर्तव्यबोध के
किसी भी राष्ट्र की समृद्धि यात्रा उसके निवासियों की अंतर्चेतना में दायित्व और कर्तव्यबोध के साथ उन शत्रुओं का बोध भी आवश्यक है जो राष्ट्र के आधार को क्षति पहुंचाने के लिए सक्रिय रहते हैं । यह व्यापक दृष्टि ही राष्ट्रबोध की संपूर्णता है। वस्तुत: किसी एक दिशा में दौड़ने से जीवन सार्थक नहीं होता । सफलता के लिए बहुदर्शी होना चाहिए है । जैसे यात्रा के लिए हम केवल वाहन की गति नहीं देखते, […]Read More





