बीजेपी की 2026 चुनावी डिजिटल क्रांति: AI वीडियो, ग्राफिक्स और असेंबली-विशेष ‘चार्जशीट’ से विपक्ष को घेरने की तैयारी
नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026: 2026 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने सोशल मीडिया को अपना प्रमुख हथियार बनाया है। पार्टी ने असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए अलग-अलग रणनीतियां फाइनल कर ली हैं, जिसमें AI-जनरेटेड वीडियो, एनीमेशन, ग्राफिक्स और डेटा-ड्रिवन कैंपेनिंग पर जोर दिया जाएगा। विपक्ष शासित राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल) में सरकार की विफलताओं को तथ्यों के साथ उजागर किया जाएगा, जबकि NDA शासित असम और पुडुचेरी में उपलब्धियों को हाइलाइट किया जाएगा।
AI और एथिकल डिजिटल कैंपेनिंग का नया दौरपार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर रील्स, शॉर्ट्स, स्टोरीज और शॉर्ट वीडियो के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। इन वीडियो में ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन और पी. विजयन जैसे विपक्षी नेताओं को निशाने पर रखा जाएगा, साथ ही राहुल गांधी पर भी फोकस रहेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि बीजेपी एथिकल AI यूज पर सख्ती से जोर दे रही है। हर AI-जनरेटेड कंटेंट पर स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि “यह AI वीडियो है”, ताकि लोगों में कोई भ्रम न फैले। ग्राफिक्स, एनीमेशन और आंकड़ों के जरिए विपक्ष की नीतियों और फैसलों को चुटीले लेकिन तथ्यात्मक तरीके से पेश किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में ‘परिवर्तन’ का फोकसपश्चिम बंगाल में बीजेपी ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को चुनौती देने के लिए महिला सुरक्षा, घुसपैठ और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुख बनाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘चार्जशीट’ तैयार की जा रही है, जिसमें स्थानीय स्तर की विफलताएं और मुद्दे हाइलाइट होंगे। सोशल मीडिया पर इन चार्जशीट्स को वायरल तरीके से पहुंचाया जाएगा, ताकि युवा और नए मतदाता प्रभावित हों।
असम में उपलब्धियां और सतर्कताअसम में बीजेपी का फोकस हिमंता बिस्वा सरमा सरकार की उपलब्धियों को सोशल मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुंचाना होगा। साथ ही कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा जाएगा। हालांकि, पार्टी विवादों से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्क है। हाल ही में हिमंता सरमा से जुड़े एक AI वीडियो के विवाद के बाद सोशल मीडिया टीम के एक सदस्य को निकाला गया था। बीजेपी का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से युवा वोटरों तक सीधा संदेश पहुंचेगा और विपक्ष के नैरेटिव को काउंटर किया जा सकेगा।
केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी अलग प्लानकेरल और तमिलनाडु में भी AI और ग्राफिक्स के जरिए स्थानीय मुद्दों पर हमला बोला जाएगा, जबकि पुडुचेरी में NDA की मजबूती दिखाई जाएगी। कुल मिलाकर, बीजेपी का यह डिजिटल फर्स्ट अप्रोच 2026 के चुनावों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है, खासकर युवा और डिजिटल-सेवी वोटरों को टारगेट करने में।
पार्टी का लक्ष्य है कि सोशल मीडिया के जरिए हाइपर-लोकल और डेटा-बेस्ड कैंपेनिंग से विपक्ष को बैकफुट पर लाया जाए। क्या यह रणनीति बीजेपी को इन पांच राज्यों में बड़ा ब्रेकथ्रू दिलाएगी? चुनावी मौसम जैसे-जैसे गरमाएगा, डिजिटल बैटल और तेज होगी।