संसद में अभूतपूर्व गतिरोध: पीएम मोदी के भाषण के बिना
नई दिल्ली: भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में 5 फरवरी 2026 का दिन एक ऐसी घटना के लिए दर्ज किया जाएगा, जिसने लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सुरक्षा चिंताओं पर नई बहस छेड़ दी है। संसद के मौजूदा बजट सत्र की कार्यवाही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ती रही, लेकिन गुरुवार को जो कुछ हुआ उसने 22 साल पुराने इतिहास को दोहरा दिया। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद […]Read More






