परिवार में नारी पुरुष के सजृन से जो संतती होती हैं उसकी प्रथम गुरु माँ होती है। माँ ही अपने बच्चे को संस्कारवान एवं गुणवान बनाती है और संस्कारों से युक्त बालक ही संस्कारवान समाज की नींव डालता है। जो आगे चलकर समाज एवं देश का नाम उज्ज्वल करता है। उपरोक्त बातें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुटुम्ब परिवार प्रबोधन प्रमुख ओमपाल ने कहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित कुटुंब परिवार मिलन समारोह को संबोधित करते […]Read More
देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.1 फीसदी से बढ़ा कर 6.8 फीसदी कर दिया है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अपने पूर्वानुमान को बढ़ा कर 6.8 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एजेंसी ने 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.1 फीसदी की दर […]Read More
धनबाद को भारत की कोयला राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। धनबाद अपने अनोखे काले सोने के रंग के लिए जाना जाता है। देश में पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था, लेकिन तब धनबाद लोकसभा सीट अस्तित्व में नहीं थी। धनबाद लोकसभा सीट का गठन 1957 में हुआ था। धनबाद की राजनीति काफी हद तक दो राजनीतिक दलों तक ही सीमित रही है। धनबाद में पहली बार 1957 में हुए चुनाव 1957 […]Read More
गोण्डा में इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की गोली मारकर हत्या
छपिया थाना क्षेत्र में मामा के घर पर आये इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की रविवार की आधी रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेज दिया और परिवार की तहरीर पर नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। छपिया थाना के कस्बा बभनान के सिसहनी में संचालित इंटर कॉलेज के प्राचार्य दिनेश यादव अपने ननिहाल इसी थाना के गांव चंदारथी में आए […]Read More
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ”, प्रतिदिन हवन
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा से समग्र विश्व-कल्याण के लिए “चतुर्वेद स्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ” होगा। महायज्ञ में प्रतिदिन हवन में विविध वानस्पतिक पवित्र औषधियों से युक्त हवन-सामग्री अर्पित होगी। सोमवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा व्यक्ति को समस्त विश्वरूपी परिवार का सदस्य बनाती है। यह हमें समस्त प्राणियों के दुःख को अपना दुःख समझने तथा अपनी खुशी को प्रत्येक […]Read More






