• February 11, 2026

पहलगाम आतंकी हमले पर अजय राय की मांग- ‘प्रधानमंत्री दें मुंहतोड़ जवाब’, कांग्रेस ने जताया सरकार के साथ समर्थन

लखनऊ, 28 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा और त्वरित जवाब देने की मांग की है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और देश की सुरक्षा के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
पहलगाम हमले ने बढ़ाई चिंता
पहलगाम, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए जाना जाता है, रविवार को एक आतंकी हमले का शिकार बना। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने सुरक्षाबलों के एक गश्ती दल पर हमला किया, जिसमें कई जवान घायल हुए। इस हमले ने एक बार फिर कश्मीर घाटी में आतंकवाद की चुनौती को उजागर किया है। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से जोड़कर देख रही हैं।
अजय राय का बयान: ‘आतंकवाद को कुचल देना चाहिए’
अजय राय ने इस हमले को कायराना और देश की संप्रभुता पर हमला करार देते हुए कहा, “पहलगाम में हमारे जवानों पर हुआ हमला निंदनीय है। आतंकवादी और उनके प्रायोजक यह समझ लें कि भारत उनकी कायराना हरकतों का करारा जवाब देगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूं कि इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।”
राय ने आगे कहा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर विश्वास करती रही है। हम इस मुश्किल वक्त में केंद्र सरकार के साथ हैं। हमारे जवान और उनकी बहादुरी पर हमें गर्व है। हम चाहते हैं कि सरकार ऐसी नीतियां बनाए जिससे भविष्य में इस तरह के हमले रोके जा सकें।”
 

कांग्रेस की एकजुटता और सरकार को समर्थन
अजय राय ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा, “यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का है। कांग्रेस पार्टी केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। हमारी मांग है कि इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और घाटी में शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।”
उन्होंने कश्मीर घाटी में शांति और विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति की भी वकालत की। राय ने कहा, “कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर बढ़ाने होंगे। आतंकवाद का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास भी है।”
प्रदेश में सियासी हलचल
अजय राय का यह बयान उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल को भी बढ़ा सकता है। विपक्षी दलों ने पहले भी केंद्र सरकार पर कश्मीर में सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है। हालांकि, राय ने अपने बयान में सरकार के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश की है, लेकिन उनकी मांगों ने यह भी संकेत दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई पर नजर रखेगी।
उत्तर प्रदेश के अन्य विपक्षी दलों, जैसे समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी, ने भी इस हमले की निंदा की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “पहलगाम हमला हमारे जवानों के बलिदान को और मजबूत करता है। केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।” वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील की।
केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने पहलगाम हमले के बाद उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस हमले पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा, “पहलगाम में हमारे जवानों पर हमला कायराना हरकत है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
आगे की चुनौतियां
पहलगाम हमला एक बार फिर कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति की जटिलता को दर्शाता है। हाल के वर्षों में आतंकी हमलों में कमी आई थी, लेकिन इस तरह की घटनाएं सरकार और सुरक्षाबलों के लिए नई चुनौतियां खड़ी करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिशें अभी भी जारी हैं, और इसके लिए भारत को कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर और सख्ती बरतनी होगी।
लखनऊ में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस हमले के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए हैं। कई संगठनों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए कैंडल मार्च और सभाओं का आयोजन किया है।
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