October 4, 2026

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आगरा बाथरूम हत्याकांड का खुलासा: एसीपी अमीषा ने ऐसे सुलझाई सुरेंद्र शर्मा मर्डर मिस्ट्री

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में सामने आए इस चर्चित मामले में आरोपी पत्नी रूबी शर्मा को 4 जुलाई 2026 को जेल भेज दिया गया। इस जटिल मर्डर मिस्ट्री का खुलासा सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अमीषा के नेतृत्व में हुई जांच के बाद संभव हो सका। एनडीटीवी से बातचीत में एसीपी अमीषा ने बताया कि यह उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण मामला था। वर्ष 2022 बैच की डीएसपी अमीषा ने 14 फरवरी 2025 को आगरा में एसीपी के रूप में कार्यभार संभाला था और यह उनकी पहली पोस्टिंग है।

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली निकली कातिल

पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को रूबी शर्मा अपने देवर अनिल शर्मा के साथ सिकंदरा थाने पहुंची और पति सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरुआती जांच में किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। वह पुलिस जांच में सहयोग करने का दिखावा करती रही और लगातार यही कहती रही कि उसका पति किसी काम से बाहर गया है। जांच के दौरान एसीपी अमीषा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

भरतपुर की घटना बनी जांच का अहम सुराग

पुलिस जांच में पता चला कि 15-16 मई को सुरेंद्र शर्मा राजस्थान के भरतपुर में रिश्तेदारों के यहां गया था, जहां कथित तौर पर शराब के नशे में उसका विवाद हुआ था। इसके बाद वह आगरा लौट आया और 18 मई से लापता हो गया। इसी बीच पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि सुरेंद्र शर्मा शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। घरेलू हिंसा की यह जानकारी जांच का अहम आधार बनी, जिसके बाद पुलिस का संदेह रूबी शर्मा पर गहराया।

पूछताछ में कबूल किया हत्या का जुर्म

पुलिस के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर रूबी शर्मा ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि पति के व्यवहार और भविष्य में कानूनी विवादों की आशंका से परेशान होकर उसने वारदात की योजना बनाई। आरोप है कि रूबी ने पहले सुरेंद्र शर्मा के खाने में 15 से 20 नींद की गोलियां मिला दीं। जब वह गहरी नींद में चला गया, तब उसकी हत्या कर दी।

बाथरूम में दफनाया शव, ऊपर बनवा दिया पक्का फर्श

जांच में सामने आया कि हत्या के बाद रूबी शर्मा ने शव को घर के कच्चे फर्श वाले बाथरूम में दफना दिया। शक से बचने के लिए उसने मिट्टी घर के बाहर डलवाई और बाद में बाल्टी से उसे अंदर ले जाकर शव पर डालती रही। इसके बाद उसने एक राजमिस्त्री को बुलाकर बाथरूम का पक्का फर्श बनवा दिया। शव नया होने के कारण किसी को दुर्गंध का एहसास नहीं हुआ और मामला लंबे समय तक छिपा रहा।

डिजिटल सबूत नहीं होने से बढ़ी चुनौती

एसीपी अमीषा ने बताया कि इस केस की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इसमें मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट या किसी प्रेम संबंध जैसा कोई डिजिटल या पारंपरिक सुराग मौजूद नहीं था। आरोपी स्वयं शिकायतकर्ता भी थी और जांच में सहयोग करती दिखाई दे रही थी, जिससे मामला और जटिल हो गया।

एसीपी अमीषा की प्रेरक यात्रा

इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली एसीपी अमीषा वर्ष 2022 बैच की डीएसपी हैं। उनके पिता विनोद कुमार सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और वर्ष 2022 में डीआईजी (जेल) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस सेवा में आने से पहले अमीषा का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ था। बाद में उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर डीएसपी पद हासिल किया। आगरा में ही नायब तहसीलदार के रूप में सेवा देने के बाद उन्हें पुलिस विभाग में पहली पोस्टिंग मिली और अब उन्होंने अपने पहले बड़े आपराधिक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर चर्चा बटोरी है।

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