दिवाली पर जवानों के साथ रहेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दार्जिलिंग और सिक्किम का करेंगे दौरा
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस साल दिवाली देश के जवानों के साथ मनाएंगे। दीपावली के अवसर पर वह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी के साथ-साथ सिक्किम का दौरा करेंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात कर उनसे बातचीत करेंगे। इसके अलावा वह शेरथांग युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने दौरे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह दीपावली की पूर्व संध्या यानी 7 नवंबर को दार्जिलिंग के बागडोगरा एयरफील्ड और सिलीगुड़ी के सुकना में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात करेंगे। वहीं, 8 नवंबर को दिवाली के दिन वह सिक्किम स्थित शेरथांग युद्ध स्मारक जाएंगे और वहां तैनात सैनिकों के साथ त्योहार मनाएंगे।
जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने X पर लिखा, “आज, दीपावली की पूर्व संध्या पर, मैं दार्जिलिंग में बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना (सिलीगुड़ी) में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात करके उनसे बातचीत करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “कल (8 नवंबर) यानी दीपावली के दिन मैं सिक्किम स्थित शेरथांग युद्ध स्मारक जाकर देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा। साथ ही, इस क्षेत्र में तैनात हमारे सैनिकों से भी मुलाकात कर उनसे संवाद करूंगा।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पिछले कई वर्षों से दिवाली के अवसर पर देश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में जवानों के साथ त्योहार मनाते रहे हैं।
चिकन नेक इलाके में राजनाथ सिंह का दौरा अहम
रक्षा मंत्री का दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, सुकना और सिक्किम का दौरा रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को आमतौर पर भारत का ‘चिकन नेक’ कहा जाता है। यह संकरा भूभाग भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। इसके आसपास नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाएं हैं।
राजनाथ सिंह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत-चीन सीमा पर सैन्य गतिविधियों और तनाव को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं। हाल ही में ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने हैं। उन्होंने तैनात भारतीय ‘शौर्य कमांडो’ टीमों के प्रदर्शन की भी सराहना की थी।
ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात जवानों के बीच रक्षा मंत्री की मौजूदगी और उनसे संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
