अखिलेश यादव को बड़ा झटका! सपा के तीन बागी विधायक आज थामेंगे बीजेपी का दामन, अमेठी में होगा कार्यक्रम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायक बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं। इनमें अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी का नाम शामिल है। इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अमेठी में होगा बीजेपी का ज्वॉइनिंग कार्यक्रम
तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के लिए अमेठी में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की जानकारी है। विधानसभा चुनाव से पहले इस कार्यक्रम को बीजेपी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
तीनों विधायकों ने वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। हालांकि, फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाते हुए बीजेपी के उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद से ही उनके और सपा नेतृत्व के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती गई।
कौन हैं राकेश प्रताप सिंह?
राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह वर्ष 2012 से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2022 में उन्होंने लगातार तीसरी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया।
फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के बाद वह चर्चा में आए थे। जून 2025 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। राकेश प्रताप सिंह कई मौकों पर सपा नेतृत्व की नीतियों की आलोचना करते हुए तुष्टिकरण और सनातन धर्म के अपमान जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।
अभय सिंह के बीजेपी में जाने से अयोध्या की राजनीति में हलचल
अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह समाजवादी पार्टी के चर्चित नेताओं में गिने जाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों और राजनीतिक बयानबाजी के कारण भी वह सुर्खियों में रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद उनका सपा से राजनीतिक रिश्ता कमजोर हुआ। अब बीजेपी में शामिल होने के उनके कदम को अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विनोद चतुर्वेदी भी बदलेंगे राजनीतिक पाला
विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद उनका नाम भी सपा के बागी विधायकों में शामिल हो गया था।
अब उनके बीजेपी में शामिल होने की तैयारी है। उनके पाला बदलने से बुंदेलखंड क्षेत्र की राजनीति में भी नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण पर नजर
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों का बीजेपी में शामिल होना दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी इस घटनाक्रम के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर सकती है, जबकि सपा के लिए यह अपने संगठन और विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ा सकता है।
