सत्य निकेतन बिल्डिंग का मालिक हरिराम हिरासत में, भिवाड़ी से पकड़ा; 10 पुलिस टीमें कर रही थीं तलाश
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। पुलिस की कई टीमें पिछले दो दिनों से उसकी तलाश में दिल्ली-NCR, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही थीं।
हरिराम के हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस उससे हादसे को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इमारत में किस तरह का निर्माण या बेसमेंट से जुड़ा काम चल रहा था और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था।
हादसे के बाद से गायब था हरिराम
सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद से ही बिल्डिंग मालिक हरिराम अपने घर से फरार था। पुलिस ने उसकी तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी।
पुलिस को आशंका थी कि वह दिल्ली-NCR में ही कहीं छिपा हुआ है। इसके बाद उसके करीबियों और रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला।
पुलिस ने गुरुग्राम समेत दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर उसकी तलाश की। आखिरकार पुलिस को हरिराम की लोकेशन राजस्थान के भिवाड़ी में मिली, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया।
हरिराम को पकड़ने के लिए बनाई गई थीं 10 टीमें
दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। इन टीमों में जिले की स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और अलग-अलग ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल थे।
इन टीमों की निगरानी जिले के एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी कर रहे थे। पुलिस ने हरिराम की तलाश में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ उसके परिचितों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की।
हरिराम के खिलाफ जारी हुआ था LOC
पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था। इसके जरिए उसके देश से बाहर जाने की संभावनाओं पर नजर रखी जा रही थी।
अब भिवाड़ी से हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की पूछताछ में यह सामने आ सकता है कि हादसे के बाद वह कहां-कहां गया और किन लोगों के संपर्क में था।
MCD कमिश्नर ने इमारत को लेकर क्या कहा?
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने भी अहम जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि हादसे वाली इमारत 1970 के दशक की थी। उनके मुताबिक, इस भवन को पहले कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया था और न ही इसे सील किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि MCD को इस इमारत के संबंध में पहले कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
MCD कमिश्नर के मुताबिक, हादसे में 7 लोगों की जान गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के कारण बगल वाली इमारत की संरचना कमजोर हो गई है।
बगल की इमारत को किया जाएगा ध्वस्त
संजीव खिरवार ने बताया कि हादसे के बाद बगल वाली इमारत को मजबूत करने का काम रातभर किया गया। अब अगले एक-दो दिनों में इसे योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त किया जाएगा।
प्रशासन की प्राथमिकता आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि हादसे के बाद किसी और अनहोनी की स्थिति न बने।
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। याचिका के जरिए हादसे की परिस्थितियों और इमारतों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को उठाया गया है।
वहीं, इस हादसे के बाद दिल्ली में PG और किराये की इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दिल्ली के कई इलाकों में चल रहे PG की स्थिति को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हुई है।
अब मालिक से पूछताछ में खुलेंगे कई राज
हरिराम के हिरासत में आने के बाद पुलिस की जांच अब एक अहम चरण में पहुंच गई है। पुलिस उससे इमारत की उम्र, निर्माण और उसमें हुए बदलाव, बेसमेंट से जुड़े काम तथा हादसे से पहले की गतिविधियों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर कोई जांच या निरीक्षण हुआ था या नहीं और यदि हुआ था तो उसकी रिपोर्ट क्या थी।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए हरिराम से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।