• September 3, 2026

भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में बड़ा विवाद, कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज; BJP के सभी 70 उम्मीदवार मैदान में

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में नामांकन को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के सिंबल तय समय तक निर्वाचन अधिकारी के पास नहीं पहुंच सके, जिसके चलते उनके नामांकन खारिज हो गए। वहीं, भाजपा के सभी 70 अधिकृत प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया।

कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामांकन खारिज होने के बाद पार्टी के भीतर ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। PCC सदस्य मनोज पालीवाल ने इस पूरे मामले के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

डोटासरा पर मनोज पालीवाल ने लगाए आरोप

मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनोज पालीवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के सिंबल बंद लिफाफे में प्रभारी के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाए जाने थे। लेकिन 70 वार्डों में से केवल 53 प्रत्याशियों के सिंबल ही निर्धारित समय तक निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंच पाए।

पालीवाल के मुताबिक, 17 प्रत्याशियों के सिंबल समय पर नहीं पहुंचने के कारण उनके नामांकन खारिज हो गए। उन्होंने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर डालते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भेजकर जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में होने वाले पंचायत राज चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

17 कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन हुए खारिज

भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव के लिए 31 अगस्त को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। निर्धारित समय दोपहर 3 बजे तक कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल निर्वाचन अधिकारी के पास नहीं पहुंच सके।

सिंबल नहीं मिलने के कारण इन प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार नहीं किए गए। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन में टिकट वितरण और चुनावी प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

भाजपा के सभी 70 प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

दूसरी ओर, भाजपा की ओर से भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों के लिए जारी अधिकृत सूची के सभी प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया।

इससे पहले भाजपा के प्रताप मंडल के करीब 70 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में कथित अनदेखी और परिवारवाद का आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफा दिया था। हालांकि, बाद में पार्टी के सभी 70 अधिकृत प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया।

भाजपा की सूची में वार्ड नंबर 1 से लेकर 70 तक प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। पार्टी की ओर से कई प्रत्याशियों को अधिकृत सूची जारी होने से पहले ही व्यक्तिगत तौर पर या फोन के जरिए टिकट की जानकारी दे दी गई थी।

चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव

भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज होने के बाद अब यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस के भीतर जहां जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है, वहीं भाजपा के सभी 70 प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी बदल गई है।

अब देखना होगा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे क्या कदम उठाती है और नामांकन खारिज होने के बाद प्रभावित प्रत्याशियों को कोई कानूनी राहत मिलती है या नहीं।

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