राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए ट्रस्टी नियुक्त, अशोक सिंघल के रिश्तेदार महेश भागचंदका भी शामिल; आज मिल सकता है पहला CEO
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या से राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी दी गई है।
महेश भागचंदका को विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वहीं, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव भी अब राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसी बीच ट्रस्ट को आज अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने की भी उम्मीद है। CEO के नाम का औपचारिक ऐलान जल्द किया जा सकता है। इसके लिए ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिरामदास छावनी में चल रही है।
CEO की रेस में इन नामों की चर्चा
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के चयन के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप चुकी है। CEO पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
इसके अलावा पूर्व IPS अधिकारी परेश सक्सेना के नाम की भी चर्चा है। वहीं, IAS अधिकारियों में योगेश्वर राम मिश्रा और दिनेश चंद्र सिंह के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
CEO पद के लिए आए 5,500 से ज्यादा आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई थी। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, सुरेश हावरे और विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल थे।
CEO पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद उम्मीदवारों को गूगल फॉर्म भेजकर 600 अंकों के सवाल पूछे गए। इनमें से 3,500 से ज्यादा उम्मीदवारों ने फॉर्म भरकर जमा किया। इन्हीं जवाबों के आधार पर उम्मीदवारों की प्रारंभिक मार्किंग की गई।
3,500 उम्मीदवारों से 108 तक पहुंची दौड़
मार्किंग के बाद 3,500 से अधिक उम्मीदवारों में से 108 उम्मीदवार ऐसे पाए गए, जिन्होंने 600 में से 470 से ज्यादा अंक हासिल किए। इसके बाद इन उम्मीदवारों का वर्चुअल इंटरव्यू लिया गया।
वर्चुअल इंटरव्यू के बाद 17 उम्मीदवारों को CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इन सभी को अंतिम चरण के इंटरव्यू के लिए अयोध्या बुलाया गया था।
आस्था से लेकर नेतृत्व क्षमता तक हुई परख
अयोध्या में हुए फाइनल इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों को कई अलग-अलग कसौटियों पर परखा गया। इसमें उनकी नेतृत्व क्षमता, धार्मिक आस्था, चुनौतियों को समझने की क्षमता और मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने की योग्यता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
फाइनल प्रक्रिया के बाद तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर चयन समिति ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। अब ट्रस्ट की बैठक में इनमें से CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।