मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा का ऐलान, श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण को लेकर संत समाज का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण और जन्मभूमि मुक्ति को लेकर संत समाज ने बड़ा ऐलान किया है। चित्रगुप्त पीठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों ने 6 दिसंबर को कार सेवा किए जाने की घोषणा की। संतों का दावा है कि इस कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शामिल होंगे।
मामलों के जल्द निस्तारण की उठाई मांग
चित्रगुप्त पीठ पर आयोजित बैठक में संत समाज ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े मामलों पर अपनी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान वक्फ एक्ट को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
संतों ने न्यायालय में लंबित श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की। साथ ही अदालत से इन मामलों की रोजाना सुनवाई कराने का अनुरोध किया, ताकि लंबे समय से लंबित विवादों का जल्द कानूनी समाधान हो सके।
6 दिसंबर की कार सेवा की तैयारियां शुरू करने का दावा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार सेवा की घोषणा के बाद संत समाज ने कहा कि आने वाले दिनों में देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और विभिन्न राज्यों के संतों एवं श्रद्धालुओं को 6 दिसंबर के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
प्रशासन ने नई धार्मिक परंपराओं पर रोक दोहराई
इधर, प्रस्तावित ‘शंखनाद’ और ‘कार सेवा’ की घोषणा के बीच मथुरा जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए नई धार्मिक परंपराएं शुरू करने पर रोक की बात दोहराई है।
सिटी एसपी राजीव कुमार सिंह ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जिले में किसी भी नई धार्मिक परंपरा की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को उनके संबंधित थाना क्षेत्रों में वापस भेजा जा रहा है।
न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील
सिटी एसपी ने कहा कि संबंधित संगठनों और व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन के अनुसार सभी संबंधित पक्षों ने न्यायालय के आदेशों का पालन करने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े किसी भी कार्यक्रम या गतिविधि के दौरान न्यायालय के निर्देशों और कानून-व्यवस्था का पूरी तरह पालन कराया जाएगा।