NEET विवाद: सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर टूटी बातचीत, CJP ने रखीं तीन बड़ी मांगें; PM मोदी ने किया बड़ा ऐलान
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध भी बरकरार है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व को बातचीत आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता की प्रक्रिया एक बार फिर ठप हो गई है।
इससे पहले 20 जुलाई को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें सरकार के सामने रखी थीं।
प्रदर्शनकारियों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार को तीन प्रमुख मांगें पूरी करनी होंगी।
प्रदर्शनकारियों की मांगें इस प्रकार हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने और भविष्य में ऐसे मामलों में कार्रवाई न करने की गारंटी।
‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं’
सौरव दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग आंदोलन की सबसे अहम शर्त है और इस पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
PM मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर युवाओं के हितों को लेकर बड़ा बयान जारी किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं और सरकार विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बातचीत पर बनी अनिश्चितता
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत फिलहाल ठप है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष किसी समाधान पर पहुंचते हैं या आंदोलन और तेज होता है।