CJP प्रदर्शन पर सियासी हलचल तेज, जेपी नड्डा से मिला प्रतिनिधिमंडल; रखीं तीन मांगें, जंतर-मंतर से हटाए गए प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार को CJP के प्रदर्शन को लेकर दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जहां लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबर सामने आई।
हंगामे के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
CJP प्रतिनिधिमंडल की ओर से सरकार के सामने ये मांगें रखी गईं—
CJP प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार की ओर से आगे बातचीत का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय या ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
CJP की ओर से कहा गया कि मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
CJP प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से पहला बयान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिया। उन्होंने कहा कि CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है।
जेपी नड्डा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें और प्रस्ताव सरकार के सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत कई घंटों तक चली और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की गई है।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।