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सीएम योगी से मिले पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा, वक्फ संपत्तियों की SIT जांच और विशेष ऑडिट की उठाई मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए व्यापक जांच की मांग उठाई।

बैठक में मोहसिन रज़ा ने दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश में पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की संख्या घटकर लगभग 1.27 लाख रह गई है, जबकि पहले यह संख्या 2 लाख से अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान वक्फ बोर्डों का नियमित ऑडिट नहीं कराया गया, जिससे बड़ी संख्या में संपत्तियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है।

वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का किया स्वागत

मोहसिन रज़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, सुरक्षा और उनके उचित उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच आवश्यक है।

इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा

मोहसिन रज़ा ने मुख्यमंत्री को बताया कि बड़ी संख्या में वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं। उनके अनुसार कई जनपदों में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे, व्यावसायिक उपयोग और रिकॉर्ड में विसंगतियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए स्थापित वक्फ संपत्तियों का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है और वास्तविक लाभार्थियों तक उनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा।

मुख्यमंत्री से कीं प्रमुख मांगें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान मोहसिन रज़ा ने कई सुझाव और मांगें भी रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की संपत्तियों का जनपदवार एसआईटी (SIT) के माध्यम से सत्यापन कराया जाए।
  • सभी वक्फ संपत्तियों का विशेष ऑडिट, भौतिक निरीक्षण और अभिलेखों का मिलान कर वास्तविक सूची तैयार की जाए।
  • फर्जी नामांतरण, अवैध लीज, कब्जे या अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • ‘वक्फ बाय यूजर’ से जुड़े विवादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
  • दोषी व्यक्तियों, संस्थाओं, मुतवल्लियों और अन्य संबंधित पक्षों की निष्पक्ष जांच कर सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
  • अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए ताकि उनका लाभ अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
  • प्रदेश स्तर पर जनपदवार निगरानी समितियों का गठन कर नियमित ऑडिट और वसूली अभियान चलाया जाए।

मोहसिन रज़ा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि इन संपत्तियों का उपयोग उनके मूल सामाजिक और धार्मिक उद्देश्यों के अनुरूप किया जा सके।

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