राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जीजा-साले के पास मिलीं 12 संपत्तियां, दान के पैसे से खरीद की जांच तेज
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Madhulika- July 4, 2026
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अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और आरोपियों की संपत्तियों को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आठ आरोपियों में शामिल जीजा-साले की जोड़ी के पास सबसे अधिक संपत्तियां हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इनमें से कितनी संपत्तियां कथित तौर पर चढ़ावे की रकम से खरीदी गई हैं।
जीजा-साले के पास मिलीं 12 संपत्तियां
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उसके बहनोई लवकुश मिश्रा के नाम कुल 12 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। इनमें कुछ पैतृक हैं, जबकि कई संपत्तियां हाल के वर्षों में खरीदी गई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इनमें से किन संपत्तियों की खरीद में कथित तौर पर चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल हुआ। यदि जांच में किसी संपत्ति को अवैध धन से खरीदा जाना साबित होता है, तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कई जिलों में फैली हैं संपत्तियां
अयोध्या प्रशासन आरोपियों की संपत्तियों का सत्यापन कर रहा है। अब तक अयोध्या, बसावा, मिल्कीपुर, रुदौली समेत अन्य स्थानों पर कई संपत्तियों का पता चला है। अधिकारियों के अनुसार कुछ संपत्तियां अयोध्या से बाहर दूसरे शहरों में भी स्थित हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों ने संपत्तियां अपने नाम के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी खरीदी हैं या नहीं।
आरोपियों के बीच हैं पारिवारिक रिश्ते
जांच में यह भी सामने आया है कि मामले के कई आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। टिन्नू यादव और मनीष यादव चाचा-भतीजा हैं, जबकि लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा जीजा-साले हैं। वहीं, लवकुश के ससुर रमाशंकर मिश्रा भी इस मामले के आरोपियों में शामिल बताए जा रहे हैं।
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
इस बीच प्रशासन ने राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया है। मंदिर के एसपी सुरक्षा बलरामचारी दूबे को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विजय शंकर मिश्रा शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंचकर कार्यभार संभाल चुके हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रशासनिक बदलाव चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ा नहीं है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि पूर्व एसपी सुरक्षा की भूमिका या संलिप्तता जांच के दायरे में है या नहीं।
जांच जारी
जांच एजेंसियां आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं तो उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।