भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, नेशंस कप जीतने पर खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये का इनाम
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी विमेंस नेशंस कप 2025-26 का खिताब जीतकर एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। इस शानदार उपलब्धि के बाद सोमवार रात टीम के बेंगलुरु लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारियां की गई हैं। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह जीत युवाओं को हॉकी के प्रति प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री के बधाई संदेश पर हॉकी इंडिया ने भी आभार व्यक्त किया। संगठन ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह सम्मान और प्रेरणा का विषय है तथा टीम आगे भी देश का नाम रोशन करने के लिए इसी तरह मेहनत करती रहेगी। फाइनल मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। चौथे मिनट में नवनीत ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद 15वें मिनट में सुनीलिता टोप्पो ने दीपिका के शॉट को दिशा देकर दूसरा गोल किया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद भारतीय टीम ने मजबूत रक्षा पंक्ति के दम पर न्यूजीलैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। कप्तान सविता ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त बरकरार रखी। आखिरकार भारत ने 2-0 से मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने पूल चरण में अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया, जबकि सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से मात दी। फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने दूसरी बार नेशंस कप का खिताब जीता। इससे पहले टीम ने 2022 में भी यह उपलब्धि हासिल की थी। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो लालरेम्सियामी को फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि दीपिका छह गोल के साथ टूर्नामेंट की संयुक्त शीर्ष स्कोरर रहीं। टीम की इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने के लिए हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। हॉकी इंडिया ने कहा कि यह उस टीम के सम्मान में है जिसने देश का मान बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का झंडा ऊंचा किया।