ओपी राजभर का सपा पर तीखा हमला, PDA कार्यक्रम और सांसद की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट की अटकलों के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। एक ओर सपा नेतृत्व लगातार यह दावा कर रहा है कि पार्टी का कोई भी नेता संगठन छोड़कर नहीं जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सहयोगी दलों और विपक्षी नेताओं के बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और राज्य सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा है।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्यक्रम और पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपने पोस्ट में मुरादाबाद की एक सांसद की कार्यक्रम में अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए तंज कसा और पूछा कि क्या उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी या फिर किसी कारणवश सूचना उनसे छिपाई गई थी।
PDA राजनीति पर भी टिप्पणी
राजभर ने अपनी पोस्ट में सपा की PDA राजनीति और संगठनात्मक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर कुछ वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
सपा का रुख
हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और नेताओं के पार्टी छोड़ने या किसी तरह की टूट की चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
राजभर के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सपा की अंदरूनी स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि संबंधित सांसद या समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के ताजा आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, आने वाले दिनों में सपा और उसके विरोधियों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।