तमिलनाडु में विजय सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार, 59 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी
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Madhulika- May 21, 2026
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तमिलनाडु की राजनीति के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि मुख्यमंत्री Vijay ने अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार कर दिया। राज्यपाल ने 23 विधायकों को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कैबिनेट विस्तार को राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा और सहयोगी दलों के साथ सत्ता संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार में सहयोगी दलों की भूमिका भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहां Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) ने विजय सरकार में औपचारिक रूप से शामिल होकर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई, वहीं Indian Union Muslim League (IUML) ने फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार से दूरी बनाए रखी है। पार्टी का कहना है कि मंत्री पद के लिए नाम को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
59 साल बाद तमिलनाडु सरकार में कांग्रेस की वापसी
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा कांग्रेस की सरकार में वापसी रही। करीब 59 वर्षों बाद तमिलनाडु सरकार में कांग्रेस को प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी के पांच विधायकों में से दो को मंत्री बनाया गया है। वहीं VCK के दो विधायकों में से एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
कैसे बनी विजय सरकार?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने अपने दम पर 108 सीटें जीती थीं, लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े की जरूरत थी। ऐसे में पार्टी ने कांग्रेस, वाम दलों और IUML के समर्थन से सरकार बनाई।
इसके अलावा फ्लोर टेस्ट के दौरान All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के 24 बागी विधायकों ने भी विजय सरकार का समर्थन किया। नतीजतन फ्लोर टेस्ट में विजय के पक्ष में कुल 144 विधायक खड़े हुए, जो बहुमत के आंकड़े से 26 ज्यादा थे।
IUML ने बनाई दूरी, लेकिन सरकार को समर्थन जारी
हालांकि IUML ने साफ किया है कि वह सरकार में शामिल होने के पक्ष में है, लेकिन मौजूदा कैबिनेट विस्तार में हिस्सा नहीं लिया गया। पार्टी के अनुसार, उसके दो विधायकों में से किसे मंत्री बनाया जाए, इस पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से अंतिम निर्णय टल गया और पार्टी ने फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार से दूरी बनाए रखी।