मतगणना प्रक्रिया पर TMC की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, राहत नहीं
तृणमूल कांग्रेस (TMC) को Supreme Court of India से बड़ा झटका लगा है। मतगणना प्रक्रिया को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि Election Commission of India एकतरफा फैसले नहीं ले सकता। सिब्बल ने आशंका जताई कि एडिशनल सीईओ (ACEO) के आदेश से मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है।
TMC की दलीलें
तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाया कि काउंटिंग सुपरवाइजर के तौर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह Article 324 of the Constitution of India की भावना के खिलाफ है और चुनाव आयोग राज्य कर्मचारियों की नीयत पर सवाल खड़ा कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने TMC की दलीलों पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के आरोप बिना ठोस आधार के नहीं लगाए जा सकते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चाहे राज्य के कर्मचारी हों या केंद्र के, सभी Election Commission of India के अधीन काम करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मतगणना केंद्रों पर केवल काउंटिंग सुपरवाइजर ही नहीं होंगे, बल्कि प्रत्याशियों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। कोर्ट के अनुसार, गड़बड़ी की आशंका का कोई ठोस आधार नहीं है।
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि मतगणना प्रक्रिया में एक कर्मचारी राज्य सरकार का भी शामिल होगा। आयोग के इस जवाब को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया और उसके सर्कुलर में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
चुनाव परिणाम की तारीख
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।