टीएमसी-चुनाव आयोग बैठक में गरमाया माहौल, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर बड़ा विवाद
दिल्ली में Trinamool Congress (टीएमसी) के नेताओं ने Election Commission of India के कार्यालय पहुंचकर चुनाव आयुक्त के साथ अहम बैठक की। इस दौरान टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल में Derek O’Brien और Sagarika Ghose शामिल थे, जिन्होंने आयोग के सामने अपनी शिकायतें रखीं। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि डेरेक ओ’ब्रायन ने बहस के दौरान अपनी नाराजगी जताते हुए ऊंची आवाज में आपत्ति दर्ज कराई।
बैठक के बाद टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग को पहले 9 पत्र लिखे थे और 6 उदाहरण भी दिए थे, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला। नेताओं का दावा है कि बैठक महज सात मिनट तक चली और आयोग की ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में हटाने के नोटिस दिए जा चुके हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम 5 बजे दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की जाएगी।
वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में टीएमसी को स्पष्ट रूप से कहा गया कि West Bengal में इस बार चुनाव पूरी तरह भयमुक्त, हिंसामुक्त और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे।
इस पूरे विवाद की जड़ मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर है। जानकारी के अनुसार, एसआईआर के तहत राज्य में 90.83 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इससे कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.77 करोड़ रह गई है।
राज्य के कई जिलों—उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, नदिया, मालदा, हुगली, हावड़ा, उत्तर दिनाजपुर और पूर्व बर्धमान—में करीब 66.6 लाख नाम हटाए गए हैं, जो कुल हटाए गए नामों का लगभग 75% है। इन जिलों में राज्य की 294 में से 178 विधानसभा सीटें आती हैं, जिससे चुनावी गणित पर बड़ा असर पड़ सकता है।