भाषा विश्वविद्यालय को बड़ी उपलब्धि: ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्वीकृति और 10 शोध परियोजनाएं मंजूर
लखनऊ: ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में अनुसंधान एवं विकास (R&D) के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्वीकृति देते हुए विभिन्न विभागों की 10 महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं को अपनी मंजूरी प्रदान की है।
इन शोध परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन पहलों से न केवल अकादमिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि समाजोपयोगी ज्ञान का सृजन भी होगा।
प्रमुख शोध परियोजनाएं और अनुदान
विशेष रूप से, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के डॉ. सैयद काज़िम असग़र रिज़वी को उनके शोध विषय “स्वच्छ भारत मिशन के संदर्भ में मीडिया की भूमिका” के लिए 3.20 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह अध्ययन लखनऊ शहर में स्वच्छता के प्रति मीडिया द्वारा लाए गए व्यवहारिक परिवर्तनों का विश्लेषण करेगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं भाषा विश्वविद्यालय को अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाएंगी। इन स्वीकृतियों से विश्वविद्यालय में शोध का एक सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है, जिससे आने वाले समय में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्राप्त होंगे।