औरंगजेब की कब्र पर टी राजा सिंह के बयान से विवाद, महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल
महाराष्ट्र के Chhatrapati Sambhajinagar में आयोजित ‘हिंदू राष्ट्र जागृति सभा’ के दौरान T Raja Singh ने एक विवादित बयान देकर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी राजा सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मुगल शासक Aurangzeb की कब्र हटाने की मांग की।
बयान से बढ़ा विवाद
अपने भाषण में टी राजा सिंह ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की कोशिश की जानी चाहिए और इस पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो हिंदू समाज इसका समर्थन करेगा।
संभाजी के संदर्भ में दिया बयान
टी राजा सिंह ने अपने बयान में Sambhaji का जिक्र करते हुए कहा कि औरंगजेब ने संभाजी की हत्या की थी, इसलिए उनके अनुसार महाराष्ट्र की “पवित्र धरती” पर औरंगजेब की कब्र स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी वे संभाजीनगर आते हैं, उन्हें यह कब्र “चुभती” है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
विधायक ने आगे कहा कि जब तक कब्र का “नामोनिशान मिट नहीं जाता”, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से भी इस मुद्दे पर सतर्क रहने की अपील की।
अन्य विवादित दावे भी किए
अपने भाषण में टी राजा सिंह ने “लव जिहाद” और तथाकथित “CCTV जिहाद” जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं से की अपील
रैली के दौरान उन्होंने महिलाओं से धर्म के प्रचार में समय देने की अपील की और परिवार के भीतर जागरूकता बढ़ाने की बात कही। यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस तरह की भाषा और बयानबाजी पर सवाल उठाए हैं, जबकि समर्थकों के बीच इस मुद्दे को लेकर अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।