एआई समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट मामला: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, पटियाला हाउस कोर्ट में पेश; कांग्रेस ने की कड़ी निंदा
नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में हाल ही में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक इस मामले में कुल 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस ने उदय भानु चिब को तिलक मार्ग थाने में करीब 15-20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए हैं।
कांग्रेस का आरोप:
गिरफ्तारी असंवैधानिक और दमनकारीकांग्रेस पार्टी ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने पोस्ट किया कि उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पूरी तरह असंवैधानिक है। पार्टी का कहना है कि संविधान हर नागरिक को विरोध का अधिकार देता है। कांग्रेस ने लिखा, “हम इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और उनके लिए लड़ते रहेंगे।”छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस द्वारा उदय भानु चिब एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है।”
प्रदर्शन शांतिपूर्ण था:
कांग्रेस का दावाभूपेश बघेल ने आगे कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के कथित समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब पुलिसिया दमन का सहारा ले रही है, जो अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। पूर्व सीएम ने मांग की कि उदय भानु चिब सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए आरोप वापस लिए जाएं।
यह मामला 20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां IYC कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर राजनीतिक नारे लगाए थे। पुलिस इसे साजिश और शांति भंग करने वाला बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा मान रही है। राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी से विवाद और तेज हो गया है।