• February 11, 2026

असम में बड़ा राजनीतिक विवाद: सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं का अपमान का आरोप लगाया, FIR और निष्कासन की मांग

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी की हालिया रैली (परिवर्तन यात्रा) के दौरान आपत्तिजनक और अश्लील इशारे किए गए, जो असम की महिलाओं का सामूहिक अपमान है। सीएम ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने वीडियो क्लिप देखी, जिसमें नेताओं की भाव-भंगिमाएं बहुत ही खराब थीं। उन्होंने इसे “किसी भी सज्जन व्यक्ति या सामान्य नेता द्वारा महिलाओं के प्रति अस्वीकार्य” बताया।
कांग्रेस नेताओं पर FIR का निर्देशमुख्यमंत्री ने कैबिनेट में फैसला लिया कि पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया जाए कि कांग्रेस के पूर्व राज्य अध्यक्ष भूपेन बोरा और अन्य संबंधित नेताओं के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। शर्मा ने कहा, “यह इशारा असम की सभी महिलाओं और लड़कियों के सम्मान पर हमला है, किसी खास जाति या समूह का नहीं।”पार्टी से निष्कासन की मांगसीएम ने पहले एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कांग्रेस को बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया को पार्टी से तत्काल निष्कासित कर देना चाहिए। उन्होंने आश्चर्य जताया कि राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोठाकुर उनके साथ मौजूद होने के बावजूद ऐसे इशारे कैसे किए गए। शर्मा ने कहा, “अगर कांग्रेस उन्हें निष्कासित नहीं करती, तो मुझे नहीं लगता कि वे कहीं भी जा पाएंगे।
वीडियो महिला आयोग को भेजने का आदेशमुख्यमंत्री ने वीडियो क्लिप को असम राज्य महिला आयोग को भेजने का निर्देश दिया है ताकि इस पर औपचारिक संज्ञान लिया जा सके और जांच हो। उन्होंने कहा, “मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि विपक्ष का कोई नेता, पार्टी का पूर्व अध्यक्ष, इस तरह का व्यवहार करे।”गौरव गोगोई पर पाकिस्तानी संबंधों का आरोपकैबिनेट बैठक में एक अन्य बड़ा फैसला लिया गया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों की जांच को गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपा जाए। शर्मा ने दावा किया कि इसमें तीन प्रमुख किरदार हैं – एक सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया और SIT रिपोर्ट का हवाला दिया। सीएम ने कहा कि राज्य पुलिस की जांच सीमित है, इसलिए केंद्र को सौंपना जरूरी है।
अन्य कैबिनेट फैसलेकैबिनेट ने 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी, जो राज्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि आवंटन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।यह घटना असम में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी ने पहले ऐसे दावों को राजनीतिक साजिश करार दिया था।
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