चेन्नई में बर्ड फ्लू का अलर्ट: सैकड़ों कौवों की मौत, H5N1 वायरस की पुष्टि, सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी
चेन्नई, 6 फरवरी 2026: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) का खतरा बढ़ गया है। शहर में पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों मरे हुए कौवे पाए गए हैं। लैब टेस्ट में इन मौतों की वजह H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए तत्काल एडवाइजरी जारी की है।स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चेन्नई के विभिन्न इलाकों में मिले मृत कौवों के सैंपल में H5N1 स्ट्रेन मिला है। यह वायरस पक्षियों में अत्यधिक संक्रामक और घातक होता है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी मरे हुए पक्षी या पोल्ट्री को हाथ न लगाएं।
सरकार और केंद्रीय मंत्रालय की निर्देशसख्त
- सभी मृत पक्षियों (कौवे, मुर्गियां आदि) को बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल के अनुसार या तो जलाया जाए या गहरे गड्ढे में दफनाया जाए।
- किसी भी मृत पक्षी या संदिग्ध लक्षण वाले पक्षी के बारे में तुरंत स्थानीय पशुपालन विभाग, नगर निगम या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
- पक्षियों के शवों को संभालते समय दस्ताने, मास्क और अन्य सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य है।
- केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल और व्यापक फील्ड सर्विलांस (निगरानी) करने के निर्देश दिए हैं।
H5N1 वायरस क्या है और कितना खतरनाक?
H5N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक उच्च जोखिम वाला स्ट्रेन है, जिसे ‘बर्ड फ्लू’ या ‘एवियन फ्लू’ कहा जाता है। यह मुख्य रूप से जंगली पक्षियों और पोल्ट्री फार्मों में फैलता है। वायरस तेजी से पक्षियों की आबादी को प्रभावित कर सकता है और बड़े पैमाने पर मौत का कारण बन सकता है।हालांकि यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को ही संक्रमित करता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह इंसानों में भी फैल सकता है। मानव संक्रमण होने पर यह गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी, निमोनिया और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, H5N1 से मानव मौत दर काफी अधिक रही है।
जनता के लिए सलाह
- मरे हुए कौवों या अन्य पक्षियों को न छुएं, न ही उन्हें उठाने की कोशिश करें।
- अगर आपको पक्षियों के संपर्क में आने के बाद बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ या अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- पोल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों को पक्षियों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष टीमों को तैनात कर दिया है, जो मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से निपटाने और निगरानी का काम कर रही हैं। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और जनता से सहयोग की अपील कर रहे हैं।