77वें गणतंत्र दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ का जश्न: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की सैन्य ताकत और स्वस्थ भारत का संकल्प
आज भारत सिर्फ उभरती शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र बन चुका है। लेकिन इस ताकत का असली आधार मिसाइल, टैंक या तकनीक नहीं—बल्कि स्वस्थ और देशभक्ति से ओतप्रोत नागरिक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बॉर्डर तभी सुरक्षित रहते हैं, जब देश का हर व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। इसी संदर्भ में ‘स्वस्थ भारत’ मिशन को और तेज करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
योग गुरु स्वामी रामदेव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कहा कि रोजाना योग करना शरीर की असली कुंजी है। योग से एनर्जी लेवल बढ़ता है, ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रहता है, वजन कंट्रोल में रहता है, नींद बेहतर होती है और तनाव कम होता है। योग मन को शांत रखकर समग्र स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गणतंत्र दिवस पर नागरिकों से अपील की है कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं:
- महीने में एक बार ब्लड प्रेशर चेक कराएं
- 6 महीने में कोलेस्ट्रॉल जांच
- 3 महीने में ब्लड शुगर टेस्ट
- 6 महीने में आंखों की जांच
- हर साल पूरा बॉडी चेकअप
योग के साथ अपनाएं संतुलित आहार
रोजाना योग के साथ हेल्दी डाइट जरूरी है। घर का बना शुद्ध भोजन, खूब पानी, कम नमक-चीनी, ज्यादा फाइबर, साबुत अनाज, प्रोटीन और नट्स (बादाम-अखरोट) का सेवन करें। मौसमी फल-सब्जियां शामिल करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय-तुलसी का काढ़ा और हल्दी वाला दूध रोज पीएं।इंडिया बनेगा फौलादी: बीमारी से बचाव ही असली ताकत
स्वास्थ्य और देशभक्ति को जोड़ते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ भारत ही मजबूत भारत का आधार बनेगा। यदि हर नागरिक खुद को बीमारियों से बचाएगा, तो देश की सैन्य और आर्थिक ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। 77वें गणतंत्र दिवस पर यह संदेश स्पष्ट है—वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, बल्कि स्वस्थ, मजबूत और एकजुट भारत का संकल्प है।