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पियरे एगोस्टिनी, फेरेन्क क्रॉस्ज और एनी एल हुइलियर को भौतकी का नोबेल

स्टॉकहोम, 3 अक्टूबर (हि.स.)। अमेरिकी वैज्ञानिक पियरे एगोस्टिनी, जर्मन वैज्ञानिक फेरेन्क क्रॉस्ज और स्वीडिश वैज्ञानिक एनी एल हुइलियर को संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गई। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मंगलवार को भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा के साथ जानकारी दी कि वर्ष 2023 का नोबेल पुरस्कार उन प्रयोगात्मक तरीकों के लिए दिया गया है, जो पदार्थ में इलेक्ट्रॉन गतिशीलता के अध्ययन के लिए प्रकाश के एटोसेकंड पल्स उत्पन्न करते हैं।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की ओर से हेन्स एलग्रेन ने जानकारी दी कि भौतिकी में वर्ष 2023 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं को उनके प्रयोगों के लिए पहचाना जा रहा है, जिन्होंने मानवता को परमाणुओं और अणुओं के अंदर इलेक्ट्रॉनों की दुनिया की खोज के लिए नए उपकरण दिए हैं। अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के पियरे एगोस्टनी, जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ क्वांटन ऑप्टिक्स के फेरेन्क क्रॉस्ज और स्वीडन की लुंड यूनिवर्सिटी की एनी एल हुइलियर ने प्रकाश की बेहद छोटी पल्स बनाने का एक तरीका प्रदर्शित किया है जिसका उपयोग उन तेज प्रक्रियाओं को मापने के लिए किया जा सकता है, जिनमें इलेक्ट्रॉन चलते हैं या ऊर्जा बदलते हैं।

वर्ष 2023 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के योगदान ने उन प्रक्रियाओं की जांच को सक्षम किया है, जो इतनी तेज हैं कि उनका पालन करना पहले असंभव था। उन्होंने प्रकाश की चमक बनाई है जो इलेक्ट्रॉनों की बेहद तेज गति का स्नैपशॉट लेने के लिए काफी छोटी है। एल हुइलियर ने गैस में परमाणुओं के साथ लेजर प्रकाश की बातचीत से एक नए प्रभाव की खोज की। एगोस्टिनी और क्रॉस्ज ने प्रदर्शित किया कि इस प्रभाव का उपयोग पहले की तुलना में प्रकाश की छोटी तरंगें बनाने के लिए किया जा सकता है।

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